गन्ना विकास समिति लक्सर से जुड़े किसानों को गन्ना विभाग की ओर से प्री कैलेंडर (सट्टा सूची) जारी करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही किसानों से 21 कॉलम भरवाकर गन्ना आपूर्ति संबंधित सभी जानकारियां संकलित की जा रही हैं।
लक्सर शुगर मिल से क्षेत्र के 45 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। किसान क्रय केंद्रों के अलावा मिल गेट पर गन्ने की आपूर्ति करते हैं। हर साल किसानों को फाइनल कैलेंडर से पहले प्री कैलेंडर दिए जाते हैं ताकि इनमें किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर संशोधन किया जा सके। गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रदीप वर्मा ने बताया कि सोमवार से किसानों को प्री कैलेंडर जारी करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। किसान अपनी किसी भी प्रकार की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद संशोधन किया जाएगा। किसानों की शिकायतें दर्ज कराने के बाद उन्हें हल कर पक्के कैलेंडर जारी किए जाएंगे। साथ ही किसानों से 21 कालम भरवाकर आपूर्ति संबंधित जानकारी भी मांगी गई है।
किसान कोल्हू पर सस्ते दाम में गन्ना बेचने को मजबूर
लक्सर। लक्सर शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू न होने के कारण किसान परेशान हैं। त्योहारों के चलते मजबूरी में गन्ना कम भाव में कोल्हू पर बेचना पड़ रहा है। मिल ने गन्ना खरीदने के लिए क्रय केंद्र तो तैयार कर दिए हैं, लेकिन अभी मिल चालू न होने के कारण क्रय केंद्र पर तौल शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में किसानों को मजबूरी में अपने घर का खर्च चलने के लिए गन्ना कम भाव में 240 से 250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से देना पड़ रहा है। कोल्हू में गन्ना देने से किसानों को प्रति क्विंटल 100 से 110 रुपये तक नुकसान उठाना पड़ रहा है। क्षेत्र के करणपुर, दाबकी, न्यामतपुर, प्रह्लादपुर, सुल्तानपुर, रायसी, कलसिया, भोवापुर, सैदाबाद, भिक्कमपुर, खेड़ी कलां आदि गांवों के किसान कोल्हुओं पर गन्ना बेच रहे है। संवाद