लापता लड़की अपने अभिभावकों के साथ
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संदिग्ध हालात में घर के बाहर से दो दिन पहले लापता हुई तीन साल की बच्ची बुधवार को पुरकाजी से मिल गई। दोपहर सिविल लाइंस कोतवाली में बच्ची के संबंध में जानकारी मिलने पर यहां से पुलिस टीम रवाना की गई थी। बच्ची कैसे गायब हुई थी और उसे कौन किस आशय से ले गया था, इस संबंध में अभी पुलिस पड़ताल कर रही है।
जानकारी के अनुसार 27 जून को मोहनपुरा ढंढेरा फाटक निवासी सुरेंद्र कुमार की तीन साल की बच्ची गौरी घर के बाहर से अचानक लापता हो गई थी। देर शाम तक खोजबीन के बाद भी जब बच्ची के संबंध में कुछ जानकारी नहीं हो सकी तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। घटना के दूसरे दिन मंगलवार को गौरी की बरामदगी नहीं होने से निराश परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई थी। पुलिस भी मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू से जांच कर रही थी। इस दौरान बुधवार को दोपहर करीब एक बजे सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि पुरकाजी में दुकान के पास एक बच्ची देखी गई है जो गौरी हो सकती है।
पूछताछ के बाद परिजनों को साथ लेकर एसएसआई गोंविंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम पुरकाजी के लिए रवाना हुई, जहां एक दुकान के बाहर से बच्ची को बरामद किया गया। दो दिन से लापता बच्ची से मिलकर परिजनों की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इसके बाद बच्ची को लेकर पुलिस टीम रुड़की पहुंची।
बताया जा रहा है कि गौरी को एक महिला बहला फुसलाकर ले गई थी, हालांकि इस संबंध में अभी पड़ताल होनी बाकी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी स्वप्न किशोर सिंह का कहना है कि बच्ची कैसे गायब हुई, उसे कौन और किस आशय से ले गया इस संबंध में अभी जांच की जानी है।