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पांच साल बाद विवाद समाप्त, चंद्रशेखर की मूर्ति स्थापित

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शहर की राजनीति का केंद्र बनी शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा आखिरकार पांच साल बाद अपने पुराने स्थान पर स्थापित हो गई है। चंद्रशेखर आजाद यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा स्थापित कर स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले विवाद को समाप्त कर दिया है। कार्यकर्ताओं के साथ मेयर समेत अन्य लोगों ने शुक्रवार को प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आजादी के नारे भी लगाए।
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चंद्रशेखर चौक पर करीब पांच साल पूर्व चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा का स्थान बदलने के साथ ही पार्क को तोड़ दिया गया था। इसके बाद राजनीति गरमाई गई थी। प्रतिमा हटवाने और पार्क तुड़वाने पर मामला बड़ा हो गया था। इसके विरोध में जमकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी हुई थी। इसके बाद मामला डीएम के पास और फिर हाईकोर्ट में पहुंच गया। कोर्ट के आदेश पर एक समिति गठित हुई, जिसने पूरे मामले की जांच की, लेकिन इसके बाद भी पार्क का निर्माण नहीं हो पाया था। इस बीच पार्क निर्माण और प्रतिमा स्थापित करने के लिए चंद्रशेखर आजाद यूथ ब्रिगेड का गठन हुआ। यूथ ब्रिगेड ने आंदोलन शुरू कर दिया था। इस बीच मेयर गौरव गोयल ने भूमि पूजन कर पार्क का निर्माण कार्य शुरू करवाया था।
पार्क बनने के बाद भी प्रतिमा स्थापित नहीं हुई तो ब्रिगेड के सदस्यों ने 14 अगस्त तक खुद स्थापित करने की बात कही थी। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने पुराने स्थान पर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थापित की। ब्रिगेड अध्यक्ष शक्ति सिंह राणा और और बिट्टू शर्मा ने बताया कि शहर की जनता जो चाहती थी, उसका सम्मान करते हुए जन सहयोग से यह काम किया गया। शहीदों का अपमान किसी कीमत पर बरदाश्त नहीं होगा। इस अवसर पर मेयर गौरव गोयल, पूर्व पालिका अध्यक्ष दिनेश कौशिक, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव ग्रोवर, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरविंद कश्यप, भाजपा नेता नितिन शर्मा, नवीन जैन, अजीत मधुकर ,रंजन त्यागी, विनय शर्मा, शोभित गौतम, अनूप शांडिल्य, तनुज राठी, वीके त्यागी, टोनी गंगा भगत, प्रवीण मेंदीरत्ता, सूरज नेगी, प्रवीण संधू, राजेश आर्य, संजीव ग्रोवर, आदेश सैनी मौजूद रहे।
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प्रतिमा स्थापित करने के लिए कई बार विवाद
चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पूर्व मेयर यशपाल राणा और विधायक प्रदीप बत्रा भी आमने-सामने आ गए थे। दोनों के समर्थकों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए थे। प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव यशपाल राणा के मेयर रहते हुए नगर निगम की बोर्ड बैठक में पास हो गया था, लेकिन बाद में ठंडे बस्ते में चला गया था। इतना ही नहीं, पिछले सप्ताह पार्क में लोकार्पण के बोर्ड लगाए गए थे, जिसे लेकर हंगामा हो गया था। लोकार्पण की शिलापट्ट भी कोई उखाड़ ले गया था।
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यह अच्छा कार्य है। शहीदों के सम्मान में प्रतिमा लग गई है। प्रतिमा स्थल पर सफाई व्यवस्था का भी ध्यान रखा जाए। ऐसा न हो कि प्रतिमा लगा दी गई और सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान न दिया जाए।
-प्रदीप बत्रा, शहर विधायक
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बहुत अच्छा कार्य हुआ है, जिन परिस्थितियों में प्रतिमा हटाई गई थी, वह दुर्भाग्यपूर्ण था। प्रतिमा स्थापित करने में युवाओं का बड़ा सहयोग रहा है। मैं शहर की जनता खासकर चंद्रशेखर आजाद यूथ ब्रिगेड को बधाई देता हूं।
-मयंक गुप्ता, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
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सच्चाई और शहर की जनता की जीत हुई। जिन्होंने मूर्ति हटवाई थी, उनके मुंह पर कालिख पुती है। प्रतिमा जहां लगाई गई, वह सही जगह है। पहले भी चंद्रशेखर आजाद आजाद की प्रतिमा यहीं स्थापित थी।
-यशपाल राणा, पूर्व मेयर
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15 अगस्त के उपलक्ष्य में यह स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान हुआ है। यह रुड़की शहर की जनता को समर्पित है। मेरा जो सहयोग था, वह पूरा किया है। मेरे बोर्ड के सभी सहयोगियों ने भी पूरा सहयोग किया है।
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-गौरव गोयल, मेयर
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