अतिक्रमण ने कस्बे की सूरत तो बिगाड़ ही दी है राह चलना भी दूभर कर दिया है। पालिका ने तो ऐसी व्यवस्था कर रखी है कि सड़कों पर ही अवैध कब्जे हैं। समय-समय पर अभियान तो चलाया जाता है लेकिन नतीजा सिफर ही रहता है। नगर पालिका प्रशासन आंख बंद किए सब कुछ देख रहा है। वहीं जिला प्रशासन भी अब तक चुनाव करवाने में व्यस्त था और अब पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। प्रशासन के ध्यान न देने पर अतिक्रमणकारियों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। कस्बे के लंढौरा रोड पर अतिक्रमण होने के कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।
सर्विस लेन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा
कस्बे में हाईवे के दोनों और बनी सर्विस लाइन पर पूरी तरह से ठेली, रेहड़ी व खोमचे वालों का कब्जा है। सर्विस लाइन पर चौपहिया वाहन निकलना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। सर्विस लेन के एक ओर वाहनों की कतारें हैं तो वहीं दूसरी ओर रेहड़ी, ठेली वालों का पूरी तरह से कब्जा बना हुआ है। इस कारण स्थानीय नागरिकों को आसपास भी हाईवे से होकर जाना पड़ रहा है जिस कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
यहां सबसे अधिक अतिक्रमण
एक तो दुकानें जाम का कारण बनी हैं तो दूसरी तरफ हर दुकानदार ने अपने सामने ही किराएदार को पटरी पर बैठा रखा है। पटरियों पर दुकानें ऐसी लगती हैं कि राहगीरों का चलना दुश्वार हो गया है। इसके अलावा नगर पालिका चौक से आगे रोटी बाजार कस्बे के लोगों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। शाम चार बजे से रात 9 बजे तक मोहल्ला किला में जाने वाले लोगों को 100 मीटर के दायरे में आधा घंटे से ज्यादा का समय लगता है जबकि यहां से पुलिस चौकी भी करीब 50 मीटर की दूरी पर है। सरकारी अस्पताल व नगर पालिका कार्यालय भी 50 मीटर की दूरी पर होने के कारण अतिक्रमणकारी राजनीतिक संरक्षण में फल फूल रहे हैं।
बीते वर्ष पालिका ने हटाया था अस्थायी अतिक्रमण
नगर पालिका परिषद मंगलौर द्वारा एक वर्ष पूर्व कस्बे के सभी बाजारों व गली मोहल्लों में स्थायी व अस्थायी स्लैब हटाकर लोहे की चैनल लगाने का कार्य किया गया था। अधिकतर दुकानदारों ने पालिका द्वारा नाली पर लगाई गई लोहे की चैनल पर ही अपने काउंटर का फ्रेम बनाकर आगे खिसका लिया है। पालिका की अतिक्रमण पर जेसीबी गरजते समय व्यापारियों ने भरोसा दिया था कि सामान अपनी दुकान में ही रखेंगे। बाहर पटरी खाली रहेगी। अब पटरी सामान से भरी है तो बाइक वाले सड़क पर वाहन खड़ा कर देते हैं।
अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस के साथ ही तहसील व जिला प्रशासन से भी सहयोग मांगा जा रहा है। दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है। वो अतिक्रमण नहीं हटा पाते हैं तो पुलिस के सहयोग से संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सड़कों पर दुकानदारों व ठेला लगाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद उनपर कार्रवाई की जाएगी।
-विजय प्रताप सिंह चौहान, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, मंगलौर
नगर पालिका को निर्देशित किया गया है कि जो भी अस्थायी अतिक्रमण है उनका चिह्नीकरण कर कार्रवाई की जाए। अब नगर पालिका के साथ बैठकर रूपरेखा तैयार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अंशुल सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, रुड़की