मतगणना के रुझान बैलेट पेपर की गिनती के साथ ही सुबह करीब सवा आठ बजे आने शुरू हो गए थे। चुनाव परिणामों के रुझानों ने कई प्रत्याशियों को कई-कई बार पटकनी दी। सुबह 10 बजे तक जो प्रत्याशी दौड़ में आगे चल रहे थे वे दोपहर 12 बजे तक बहुत पीछे रह गए थे। कुछ प्रत्याशियों के बीच दिनभर कांटे की टक्कर चलती रही। हालांकि कुछ ऐसे भी प्रत्याशी थे जिन्होंने एक बार बढ़त बनाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होने के बाद 10 बजे तक रुड़की विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी प्रदीप बत्रा पहले स्थान पर थे। उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी यशपाल राणा दूसरे स्थान पर थे। इसी तरह कलियर विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी मुनीश कुमार सैनी पहले, कांग्रेस प्रत्याशी फुरकान अहमद दूसरे व बसपा से सुरेंद्र सिंह तीसरे स्थान पर थे। मंगलौर में बसपा प्रत्याशी सरवत करीम अंसारी पहले, कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुद्दीन दूसरे स्थान पर रहे। झबरेड़ा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार पहले, बीजेपी के राजपाल सिंह दूसरे व बसपा प्रत्याशी आदित्य तीसरे स्थान पर रहे। लक्सर सीट पर बसपा से शहजाद पहले, भाजपा प्रत्याशी संजय गुप्ता दूसरे और कांग्रेस प्रत्याशी अंतरिक्ष सैनी तीसरे स्थान पर थे।
खानपुर विधानसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी उमेश कुमार पहले, बसपा प्रत्याशी रविंद्र सिंह दूसरे और विधायक कुंवर प्रणव सिंह की पत्नी रानी देवयानी तीसरे स्थान पर थी। भगवानपुर में कांग्रेस प्रत्याशी ममता राकेश पहले, बसपा से सुबोध राकेश दूसरे और भाजपा प्रत्याशी सतपाल तीसरे स्थान पर थे। इसके बाद हर घंटे स्थिति बदलती चली गई। कलियर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी ने भाजपा प्रत्याशी को पछाड़ते हुए आखिर तक बढ़त बनाई और जीत हासिल की। मंगलौर सीट पर आखिरी राउंड तक कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुद्दीन और बसपा प्रत्याशी सरवत करीम अंसारी में कांटे की टक्कर रही। यहां हर राउंड में दोनों प्रत्याशी 500 से 700 वोट के अंतर से आगे पीछे चलते रहे। एक स्थिति ऐसी आई कि दोनों में जीत और हार का केवल पांच से सात वोटों का अंतर था। रुड़की में 11वें राउंड तक आधे वोटों के अंदर से भाजपा प्रत्याशी कांग्रेस प्रत्याशी से आगे रहे लेकिन 12वें राउंड में कांग्रेस प्रत्याशी यशपाल राणा ने बढ़त बनाते हुए 16वें राउंड में दो हजार वोटों से आगे निकल गए। झबरेड़ा, लक्सर और खानपुर में स्थिति ऐसी रही कि जो प्रत्याशी दौड़ में आगे रहा, आखिरी तक उसी ने बढ़त बनाए रखी।