शहर में बृहस्पतिवार को हुई बारिश और शुक्रवार को बारिश के पूर्वानुमान ने सब्जी उत्पादकों व अन्य किसानों की धड़कनें बढ़ा दी है। खराब मौसम के कारण आलू, मटर, पालक, मूली, गाजर की फसल बर्बाद होेने की आशंका है। वर्तमान में घाड़ और खादर क्षेत्र में करीब 500 बीघा जमीन पर सब्जियों की फसल हो रही है। कृषि वैज्ञानिक फिलहाल सिंचाई नहीं करने की सलाह दे रहे हैं।
वैसे तो किसानों को फसलों को ठंड से बचाने के लिए सिंचाई की जरूरत पड़ती है लेकिन इस सीजन में बारिश संभावना से ज्यादा बरस चुकी है। ऐसे में रबी की फसल के साथ ही सब्जियों की फसल को भी नुकसान हो सकता है। किसानों के अनुसार मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक यदि चार फरवरी को बारिश होती है तो यह रबी फसलों के लिए नुकसानदायक होगी। अभी गेहूं, गन्ना, आलू, सरसों, मटर और अन्य सब्जी की फसल के लिए पानी की जरूरत नहीं है। इस समय जहां सरसों पर आया फूल फल देने की ओर बढ़ रहा है वो बारिश से गिर जाएगा और उत्पादन में कमी आएगी। वहीं ज्यादा बारिश होने से गेहूं की पत्ती पीली होने लगती है। वहीं यदि ओले पड़ते हैं तो फसलों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में ग्रामीण कृषि-मौसम सेवा परियोजना की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए फसल की सिंचाई बिल्कुल न करें। परियोजना के तकनीकी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि पांच फरवरी के बाद मौसम सामान्य होने का अनुमान है। इसके बाद धूप निकलने से जमीन में धीरे-धीरे नमी कम होने लगेगी तो सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है।
बारिश के बाद खिली धूप, रात में बढ़ी ठंड
क्षेत्र में बृहस्पतिवार सुबह शुरू हुई बारिश के बाद दोपहर बाद कुछ समय के लिए चटख धूप निकली। हालांकि दिनभर चली शीतलहर के चलते धूप का असर ज्यादा नहीं रहा। वहीं शाम होते ही ठंड अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा महसूस हुई। शुक्रवार को भी बारिश होने का पूर्वानुमान है।
कई दिन से मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ था। चटख धूप नहीं निकलने से लोग घरों में ही कैद थे। हालांकि दो दिन पहले धूप निकलने से लोगों को राहत जरूर महसूस हुई थी। वहीं बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे मौसम ने फिर करवट ली और पूर्वानुमान के अनुसार बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते तापमान फिर नीचे चला गया। इसके बाद लगातार रुक-रुककर बारिश होती रही। कुछ समय शांत रहकर करीब 11 बजे फिर से बारिश हुई। दोपहर में कुछ समय के लिए मौसम बिल्कुल साफ हो गया और चटख धूप निकल आई लेकिन ये राहत ज्यादा समय के लिए नहीं थी। कुछ ही देर में फिर बादल घिर आए। दिनभर चली शीतलहर के चलते भी लोग घरों से बाहर कम ही निकले। शाम को फिर से अन्य दिनों की अपेक्षा ठंड ज्यादा महसूस हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दो दिन की बारिश के बाद लोग चटख धूप का आनंद उठा सकते हैं लेकिन ठंडी हवा के चलते रात के समय ठंडक ज्यादा होगी।