पुलिस ने एक बोलेरो से कांग्रेस नेता समेत छह लोगों को दो मुंहे के सांप के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सांप को तंत्रमंत्र के लिए कलियर ले जा रहे थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। सांप को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस सभी का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को बुधवार देर रात सूचना मिली थी कि एक बोलेरो में कुछ लोग जिला शामली से एक दो मुंहे सांप को लेकर कलियर की तरफ जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने सोलानी पार्क के पास गंगनहर पटरी पर चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने एक बोलेरो को रोक लिया और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक प्लास्टिक के कट्टे से दुर्लभ प्रजाति का दो मुंह वाला सांप बरामद हुआ। पुलिस गाड़ी में सवार सभी लोगों को सांप के साथ कोतवाली ले आई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने सांप शामली निवासी दो लोगों से एक लाख रुपये में खरीदा था। वह सांप को लेकर कलियर जा रहे थे। यहां तंत्रमंत्र करके वह जमीन में गड़े धन को निकालने में सांप का प्रयोग करने वाले थे। किसी ने बताया था कलियर में एक व्यक्ति है जो दो मुंह वाले सांप से जमीन में गड़े हुए धन की जानकारी देता है लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाली प्रभारी देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि सांप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब तीन करोड़ है। सांप सैंड बोआ प्रजाति का है। सांप का वजन चार किलो 600 ग्राम है और एक मीटर लंबाई है। इस प्रजाति के सांप का इस्तेमाल कैंसर समेत कई दवाओं के बनाने में होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन सांपों की बड़ी मांग है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान नाजिम, ताहिर, फकरुद्दीन जावेद निवासी नैनपुर, लक्सर, यूथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव दीपक सैनी और वीरेंद्र निवासी निरंजनपुर, लक्सर के रूप में हुई है। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
पूर्व में भी पकड़े जा चुके हैं तस्कर
रुड़की में दो मुंहे सांप के पकड़ने जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी तस्कर पकड़े जा चुके हैं। उनके पास से करीब 18 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई थी। अब एक बार फिर पुलिस ने सांप तस्करों को पकड़कर बड़ा खुलासा किया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में मिला है ये सांप
रुड़की रेंजर मयंक गर्ग ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व रेड सैंड बोआ प्रजाति के सांपों का गढ़ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस प्रजाति के सांप की बड़ी कीमत मिलती है। इस सांप का प्रयोग अधिकतर दवाएं बनाने में किया जाता है। लोग इस सांप की अधिक तस्करी करते हैं। उन्होंने बताया कि यह सांप मिट्टी खाता है।