नंद विहार कॉलोनी में होली के उपलक्ष्य में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने होली, राष्ट्रवाद और बेटियों पर कविताएं सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। सम्मेलन में शामिल हुए युवा कवियों ने भी समा बांधा। कवि सम्मेलन का आयोजन होली मिलन समिति नंद विहार की ओर से किया गया था।
सोमवार शाम को कवि सम्मेलन का शुभारंभ जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप जलाकर किया। इस दौरान गजलकार पंकज गर्ग ने सारी नफरत आज जला दो होली में, इत्र मुहब्बत का छिड़का दो होली में... रचना प्रस्तुत की। युवा कवि विनय प्रताप सिंह ने मीठा-मीठा प्यारा सा ख्याल बेटियां, पूजा के सजे हुए थाल बेटियां.. सुनाकर माहौल में खुशियां बिखेरी। साहित्यकार राजकुमार उपाध्याय ने माटी को नमन राष्ट्रथाती को नमन, बलिदानों की महान परिपाटी को नमन... कविता से माहौल को देशभक्ति के माहौल में ढाल दिया।
गीतकार प्रवीण पुरी ने सरहदों पर जो निगहबानी करें, उनके चरणों में हम नमन करें... कविता प्रस्तुत की। मंच संचालन कर रहे वीर रस के कवि किसलय क्रांतिकारी ने अपमान भारती का अब ना सहेंगे, अपमान तिरंगे का अब ना सहेंगे.. रचना प्रस्तुत की। कवि अजय त्यागी, कुमार राम योगाचार्य, मयंक वर्मा, शौर्य भटनागर, राजेंद्र सैनी, अनिल अमरोही, तेजपाल सिंह ने भी काव्यपाठ किया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष विनोद, विनीत, रोमा सैनी, सुरेश, सचिन, अवनीश, विश्वेश, मुकेश, महेश, सतीश, पवन, मोहित, डॉ. सुशील, सुमित, प्रवीण, रवींद्र, प्रियंक, लोकेश, संजय, हरमीत, विवेक मौजूद रहे।