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बारिश से उफाई नदियां, मंडराया बाढ़ का खतरा

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मंगलौर में राजबाहे की पटरी टूटने के बाद खेतों में घुसा पानी। - फोटो : ROORKEE
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रुड़की/खानपुर। मूसलाधार बारिश से एक फिर नदियां उफान पर हैं। सोलानी, गंगा और बाण गंगा नदी का जलस्तर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रुड़की में सोलानी नदी के पानी ने कटाव शुरू कर दिया है। ऐसे में नदी के किनारे बने घरों पर खतरा मंडराने लगा है। लोग दहशत में हैं। वहीं, खानपुर क्षेत्र में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी आबादी तक पहुंचने वाला है। सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। नदियों का जलस्तर से बढ़ने से प्रशासन अलर्ट हो गया है।
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पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से शहर और देहात में जलभराव हो गया है। रुड़की में गली से लेकर मोहल्लों की सड़कें तालाब बन गईं। शुक्रवार को बारिश से रुड़की में रामपुर चुंगी पर हाईवे पर दो से तीन फिट पानी भर गया। इससे काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। इतना ही नहीं आसपास की दुकानों और घरों में भी पानी भर गया है। वहीं, मेन बाजार, मच्छी बाजार, पश्चिमी अंबर तालाब, आदर्श नगर, सोलानीपुरम, कृष्णानगर, प्रीत विहार, ग्रीन पार्क कॉलोनी समेत कई जगहों पर जलभराव होने से घरों में पानी घुस गया। इससे लोगों का सामान भी खराब हो गया।
वहीं, मूसलाधार बारिश से रुड़की में सोलानी नदी उफान पर आ गई है। पानी के तेज बहाव से कटान होने से आसपास के घरों पर खतरा मंडराने लगा है। नदी का पानी मिट्टी का कटान कर आबादी की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन अलर्ट हो गया और जलस्तर पर नजर रख रहा है। वहीं, खानपुर क्षेत्र में बारिश से एक बार फिर से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। इसके चलते नदियों किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। शुक्रवार दोपहर दो बजे गंगा नदी का जलस्तर 291.55 मीटर रिकॉर्ड किया गया। वहीं, तहसील प्रशासन लगातार नदियों के जलस्तर पर निगाह रख रहा है। तहसील प्रशासन ने क्षेत्र की चारों बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।
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इन गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
डुमनपुरी, कलसिया, बालावाली, गिद्धावाली, पोडोवाली, बादशाहपुर, खानपुर, इदरीशपुर, शेरपुर बेला, चंद्रपुरी खुर्द, चंद्रपुरी कलां, उत्तर प्रदेश के रामसहारवाला और हिम्मतपुर बेला।
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औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव से परेशानी
भगवानपुर। क्षेत्र के ग्राम सिसौना, रायपुर सिकंदरपुर गांवों के पास औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों और कच्चे रास्तों पर बरसात का पानी भरने के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ी। औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव होने से ट्रांसपोर्ट संचालकों को फैक्टरी से सामान लाने और ले जाने में दिक्कत हुई। ट्रांसपोर्टर आदेश सैनी, संजय सैनी, फुरकान, दिलशाद का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों और कच्चे रास्तों पर पानी भरने से ट्रक धंस रहे हैं। पानी की निकासी कराने के लिए प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया गया है। संवाद
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बारिश से किसानों के चेहरे खिले
नारसन/चुड़ियाला। दो दिन से हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। बारिश से धान की नर्सरी और अन्य फसलों को संजीवनी मिली है। क्षेत्रीय किसान हुकम सिंह, कृपाल सिंह, नरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि इस समय सबसे अधिक बारिश की जरूरत किसान को थी। बारिश न होने से धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा था। उधर, नारसन में हाईवे किनारे और कई मोहल्लों में सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव होने से हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई जगहों पर गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालक हादसे का शिकार होने से बचे। संवाद
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रजवाहे की पटरी बहने से खेतों में घुसा पानी
मंगलौर। बारिश के चलते रजवाहे की पटरी बहने से खेत जलमग्न हो गए। कई घरों के रास्तों पर भी जलभराव हो गया। दो घंटे तक रजवाहे का पानी बहता रहा। बाद में लोगों ने किसी तरह रजवाहा बंद कराया। खेतों में करीब तीन फुट पानी भरने से फसल खराब होने की आशंका है।
शुक्रवार तड़के करीब चार बजे सर्की रजवाहे की ईदगाह के सामने वाली पटरी बह गई और पानी काफी तेजी से पास के खेतों में घुस गया। जावेद, सूफियान के खेतों में पानी घुसने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, तस्लीम के घर में भी पानी घुस गया। सुबह छह बजे लोगों ने आसफ नगर झाल पर सूचना देकर रजवाहा बंद कराया। साथ ही अपने स्तर से अवरोध लगाकर पानी रोकने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब दो घंटे बाद पानी का बहाव कम हुआ। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से रजवाहे की पटरी की मरम्मत करने और स्थायी हल निकालने की मांग की है। संवाद
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एक दर्जन से अधिक गांवों में बिजली गुल
लक्सर/खानपुर। बारिश के चलते क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में बृहस्पतिवार रात बिजली आपूर्ति ठप हो गई। ऐसे में ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। कई जगहों पर बिजली की लाइनें आपस में टकरा गईं, जिससे चिंगारी उठती रही। शुक्रवार को दिन में बिजली आपूर्ति बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, बारिश के बीच भी बिजली की आंखमिचौली जारी रही। उधर, ऊर्जा निगम के ईई रवि कुमार ने बताया कि बारिश से बिजली आपूर्ति ठप हुई थी, लेकिन शुक्रवार को बिजली आपूर्ति सुचारु हो गई थी। कई लाइनें खराब हो गई हैं, जिनकी मरम्मत कराई जा रही है। संवाद
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