रुड़की सिविल अस्प्ताल के ब्लड बैंक में काली पट्टी बांधकर काम करते लेब टैक्नीशियन।
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रुड़की/कलियर। उत्तराखंड मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के आह्वान पर लैब टेक्नीशियनों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। हालांकि इस दौरान कामकाज प्रभावित नहीं हुआ। वहीं एसोसिएशन ने मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन को उग्र बनाए जाने की चेतावनी भी दी।
उत्तराखंड मेडिकल लैब टेक्नीशियन अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। एसोसिएशन के जिला संरक्षक संजय चंदोसिया ने बताया कि लैब टेक्नीशियन संवर्ग चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का एक महत्वपूर्ण अंग है। लैब टेक्नीशियन पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक, वीआईपी ड्यूटी, राष्ट्रीय कार्यक्रम आदि में हमेशा तत्पर रहते हैं। कोरोना मरीजों के सैंपल लेने में भी लैब टेक्नीशियन पीछे नहीं हटे। इसके बावजूद सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। अपनी मांगों को लेकर एसोसिएशन ने शासन को 19 सितंबर को पत्र दिया था, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में आज से लैब टेक्नीशियन 15 अक्तूबर तक काला फीता बांधकर काम करेंगे। इसके बाद 16 अक्तूबर को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बावजूद यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो 23 अक्तूबर को लैब टेक्नीशियन एक दिवसीय अवकाश लेकर महानिदेशालय पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। विरोध जताने वालों में पवन कश्यप, महावीर चौहान, नितिन शर्मा, उपेंद्र सिंह पंवार, प्रदीप मौर्य, प्रकाश रावत, जितेंद्र, उमेश चंद सैनी, आशा शर्मा, कुंती, सारिका और अन्नु पाल आदि मौजूद रहे।