आरक्षण की अनंतिम सूची प्रकाशित होने के तुरंत बाद विरोधी गुट सक्रिय हो गए हैं। पहले दिन सात लोगों ने ब्लॉक पहुंचकर आरक्षण के खिलाफ आपत्ति दी। इसमें चार लोगों ने प्रधान सीट और तीन लोगों ने क्षेत्र पंचायत सीट के आरक्षण पर आपत्ति जताई।
शुक्रवार सुबह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई। सात के स्थान पर आठ जुलाई को सूची प्रकाशित किए जाने से दावेदारों में गुस्सा है। इस मामले को लेकर कुछ जनप्रतिनिधियों ने कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। वहीं सूची प्रकाशित होते ही दावेदारों ने ब्लॉक का रुख कर लिया। इस दौरान सुबह से शाम तक सात लोगों ने आरक्षण सूची पर आपत्ति दर्ज की। इसमें खाताखेड़ी व तांशीपुर से एक-एक और रसूलपुर से दो आपत्तियां प्रधान पद के लिए दर्ज की गईं। तीन आपत्तियां क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए दर्ज की गईं। एडीओ पंचायत बनेश कुमार ने बताया कि दर्ज आपत्तियों को भेजा जा रहा है। रविवार के अवकाश के बाद दो दिन आपत्तियों का निदान किया जाएगा।
प्रतिनिधियों ने उठाए सवाल
शु्क्रवार को प्रकाशित हुई आरक्षण सूची पर प्रतिनिधियों ने सवाल खड़े किए हैं। प्रतिनिधियों का कहना है कि जो आरक्षण सूची प्रकाशित की गई है उसमें कुछ सीटों पर तो आरक्षण चक्र चला है जबकि कुछ ऐसी सीटें हैं जिन्हें आरक्षण चक्र ने छुआ भी नहीं है। इन सीटों पर आरक्षण कुछ चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके खिलाफ सबूतों के साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
एक अधिकारी के छुट्टी पर जाने पर उठे सवाल
आरक्षण सूची जारी होने से कुछ समय पहले ही एक अधिकारी कुछ दिनों की छुट्टी पर चले गए हैं। वैसे तो अधिकारियों का अवकाश पर जाना सामान्य बात है लेकिन आरक्षण सूची जारी होने से पहले उक्त अधिकारी का अवकाश पर जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। दबी जुबान से कुछ अधिकारी मानते हैं कि कुछ सफेदपोश ने आरक्षण सूची प्रभावित करने के लिए ही अधिकारी को अवकाश पर भेजा है।