शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की को मेयर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। मेयर पर नगर निगम रुड़की के कर्मचारी महासंघ की ओर से निर्माण की फाइलों में पुरानी तिथियों में टिप्पणियां लिखने और कर्मचारियों का उत्पीड़न किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में एडीएम ने जेएम रुड़की को जांच करा आख्या उपलब्ध कराने को कहा है।
एडीएम प्रशासन पीएल शाह की ओर से शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह को पत्र भेजा गया है। इसमें उन्होंने शहरी विकास निदेशालय देहरादून की ओर से 21 अप्रैल को जारी पत्र का हवाला देते हुए बताया कि नगर निगम कर्मचारी महासंघ रुड़की की ओर से शासन में मेयर के खिलाफ शिकायत की गई थी। इसमें कर्मचारियों ने मेयर पर पुरानी तिथियों में निर्माण से संबंधित फाइलों पर टिप्पणियां लिखने और कर्मचारियों का उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। पत्र के साथ कर्मचारियों की ओर से की गई शिकायत की प्रति भी भेजी गई है। एडीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह को प्रकरण की जांच कराते हुए आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं बता दें कि इससे पहले मेयर और पार्षदों के बीच कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में भी जहां मेयर ने पार्षदों पर कई आरोप लगाए थे तो पार्षदों ने भी मेयर पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। यही नहीं इस दौरान मेयर के विरोधी पार्षदों के गुट ने मेयर के पक्ष के पार्षद गुट के कई प्रस्तावों को गिरा दिया था। इसके चलते पार्षदों के दोनों गुटों में कई दिन तक रार चली। इसी दौरान कर्मचारियों के साथ भी मेयर का विवाद हो गया। कर्मचारियों ने मेयर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस दौरान कर्मचारियों ने बैठक कर कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी लेकिन बाद में मामला शांत हो गया। इस जांच के आदेश से मामला एक बार फिर गरमा गया है।