कलियर में जमीन की पैमाइश का विरोध करते हज समिति के अध्यक्ष शमीम आलम व अन्य।
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पिरान कलियर। दरगाह क्षेत्र में भूमि की पैमाइश करने के लिए पहुंची तहसील की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। हज समिति के अध्यक्ष के नेतृत्व में लोगों ने पैमाइश रोकने के बात कही। बाद में उच्चाधिकारियों से वार्ता होने के बाद काम को रोक दिया गया, जिसके बाद टीम वापस आ गई।
पिरान कलियर दरगाह क्षेत्र में पड़ी भूमि पर कई सालों से विवाद चला आ रहा था। इस भूमि को सज्जादानशीन पक्ष अपनी निजी संपत्ति बता रहा है और भूमि के सभी दस्तावेज अपने पास मौजूद होना बता रहा है, जबकि कुछ स्थानीय लोग इस भूमि को दरगाह की संपत्ति बता रहे हैं और इसका मामला कोर्ट में विचाराधीन होने की बात कह रहे हैं। सज्जादानशीन पक्ष ने शासन से भूमि की पैमाइश कराने की मांग की थी। दूसरा पक्ष इस भूमि की पैमाइश का विरोध कर रहा है। मंगलवार को तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ठ के नेतृत्व में तहसील प्रशासन और चकबंदी की टीम मय फोर्स के साथ पैमाइश करने के लिए कलियर पहुंची। पैमाइश शुरू होने की सूचना पर हज समिति अध्यक्ष शमीम आलम के नेतृत्व में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और विरोध करना शुरू कर दिया। हज समिति अध्यक्ष शमीम आलम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह से मोबाइल पर वार्ता कर पैमाइश रोकने की बात कही। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया। बावजूद इसके ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बुधवार तक पैमाइश का कार्य रोक दिया। इस मौके पर जिला बंदोबस्त अधिकारी दीवान सिंह नेगी, चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार, कानूनगो वेदपाल, बंगाल सिंह, महमूद, लेखपाल सलीम और अनुज यादव आदि मौजूद रहे।