मेयर गौरव गोयल ने लीज नवीनीकरण के नाम पर 25 लाख मांगे जाने के आरोप पर कहा कि फोरेंसिक जांच में वायरल ऑडियो और उनकी आवाज के सैंपल एक ही हैं। इसकी जांच रिपोर्ट में कोई पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में सिर्फ आवाज मिलती-जुलती बताई गई है। उन्हें बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही है। उन्होंने दावा किया कि वह लीज नवीनीकरण में जल्द ही ऐसे प्रमाण दिखाएंगे जिससे कइयों के चेहरे बेनकाब होंगे।
सोमवार को मेयर गौरव गोयल ने राजपुताना स्थित कैंप कार्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि साजिश के तहत लीज नवीनीकरण के मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। बावजूद इसके उन्होंने जांच में पुलिस का पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि अगर वायरल ऑडियो उनका होता तो वह कभी अपनी आवाज का सैंपल नहीं देते। उन्होंने स्वेच्छा से आवाज का सैंपल पुलिस को जांच के लिए दिया है। फोरेंसिक लैब की जो रिपोर्ट आई है उसमें उनकी आवाज और वायरल ऑडियो एक नहीं बताया गया है बल्कि मिलता-जुलता बताया गया है। ऑडियो में 15 से 20 जगह कट भी हैं जो साफ सुनाई दे रहे हैं। साथ ही आडियो कहां का है, किसने बनाया और किसने वायरल किया, इसका भी कोई उल्लेख नहीं है। केवल साजिश के तहत यह हो रहा है। ऑडियो उनकी नहीं है। वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने दावा किया कि लीज नवीनीकरण को लेकर वह जल्द ही ऐसे प्रमाण दिखाएंगे जिसके बाद कई लोगों के चेहरे बेनकाब होंगे।
ये है पूरा मामला
राजपुताना निवासी सुबोध कुमार गुप्ता ने संपत्ति की लीज नवीनीकरण के नाम पर 25 लाख रुपये मांगे जाने का आरोप लगाते हुए सिविल लाइंस कोतवाली में मेयर के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसका एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें मेयर की आवाज होने की आशंका जताई गई थी। मामले की जांच के लिए पुलिस ने वायरल ऑडियो और मेयर की आवाज का सैंपल जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा था। उसकी रिपोर्ट आ चुकी है और पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए शासन से अनुमति मांगी है।