मंगलौर में मां नव दुर्गा महोत्सव समिति की ओर से निकाली गई शोभायात्रा।
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रुड़की। नवरात्रि के पहले दिन मंदिरों और घरों में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने शुभ मुहूर्त पर घर और मंदिरों में चौकी स्थापित की। इसके बाद स्नान आदि कर उपवास रखकर मां के पहले स्वरूप की आरती की।
बृहस्पतिवार को घरों में विधि विधान से माता की चौकी की स्थापना की गई। व्रत रखकर श्रद्धालुओं ने परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और बच्चों की दीर्घायु की कामना की। ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश शुक्ल ने बताया कि नवरात्रि में इस बार आठ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान से की गई। बताया कि मां शैलपुत्री को सौभाग्य की देवी भी कहा जाता है। बताया कि मां की पूजा के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। वहीं बृहस्पतिवार को लोगों की भीड़ बाजार में उमड़ी। श्रद्धालुओं ने बाजार से मां की चौकी सजाने के लिए सामान खरीदा। वहीं शुक्रवार को मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी का पूजन किया जाएगा।