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स्कूल खुलने पर खिले छात्रों के चेहरे

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रुड़की आदर्श नगर स्थित ग्रीनवे स्कूल में क्लास में बैठे छात्र-छात्राओं के हाथों को सैनिटाइज करव? - फोटो : ROORKEE
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के साथ बैठक के बाद कुछ निजी स्कूल संचालकों ने सोमवार से स्कूल खोल दिए। करीब चार महीने बाद स्कूल पहुंचे बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हालांकि, कोरोना से बचाव को देखते हुए निजी स्कूलों ने सम-विषम फार्मूले के आधार पर बच्चों को स्कूल बुलाया।
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प्रदेश में दो अगस्त से कक्षा छह से 12वीं तक के स्कूल खोले जाने थे। बाद में शिक्षा सचिव की बैठक में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं 16 अगस्त से शुरू करने का निर्णय लिया गया। कक्षा नौ से 12वीं तक के सरकारी स्कूल दो अगस्त से खोल दिए गए थे जबकि निजी स्कूलों पर ताले लटके रहे। तीन अगस्त को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने निजी स्कूल के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों के साथ बैठक कर स्कूल खोलने के निर्देश दिए। इस दौरान कुछ संचालक तो स्कूल खोलने के लिए तैयार हो गए, लेकिन अधिकतर कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए स्कूल खोलने में असहज थे। इसी बीच शनिवार को निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की बैठक हुई। इसमें कुछ प्रधानाचार्यों ने स्कूल खोले जाने पर सहमति जताई थी। सीबीएसई की सिटी कोऑर्डिनेटर माला चौहान ने बताया कि ग्रीनवे पब्लिक स्कूल के साथ ही स्काई वर्ड, केंद्रीय विद्यालय और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज समेत कुछ निजी स्कूल सोमवार से खुल गए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों में सम-विषम फार्मूला अपनाया गया। पहले दिन एक, तीन, पांच, सात आदि रोल नंबर वाले छात्रों को बुलाया गया जबकि दूसरे दिन दो, चार, छह, आठ आदि रोल नंबर वाले छात्रों को बुलाया जाएगा। इससे बच्चों के बीच शारीरिक दूरी बनाए रखने में काफी आसानी हुई। उन्होंने बताया कि गेट पर हर बच्चे की थर्मल स्क्रीनिंग की गई और हाथ सैनिटाइज कर प्रवेश दिया गया। इसके अलावा कक्षों में भी बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए गए।
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