लगातार बढ़ रहे सब्जियों के दामों ने महिलाओं की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। हरी सब्जियों के दाम काफी बढ़ गए हैं। साथ ही टमाटर व प्याज के दामों में हो रही वृद्धि से लोगों की थाली से सलाद भी गायब होने लगा है।
व्यापारियों का मानना है कि बारिश की वजह सब्जी बर्बाद हुई है। इसी वजह से दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। महंगाई के कारण गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों के रसोई से सब्जियां गायब होती जा रही हैं। आलू, टमाटर, प्याज, गोभी, कद्दू, लौकी, हरी मिर्च आदि के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। एक महीने पहले की बात करें तो प्याज 30 रुपये किलो थी। अब 40 रुपये किलो बिक रही है। टमाटर के दाम आसमान छू रहे हैं। पहले 20 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर आज 40-50 रुपये किलो तक पहुंच गया है।
लक्सर के सब्जी विक्रेता गौरव शर्मा, मोहम्मद आजाद, नूर आलम छोटा आदि ने बताया कि एक माह से लगातार सब्जियों के दाम में उछाल हो रहा है। हर सब्जियों के दाम 10-25 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए है। गीता का कहना है कि हरी सब्जियों के बढ़ते दामों ने खाने का स्वाद बिगाड़ दिया। लौकी से लेकर प्याज तक की कीमतों में बेसहारा वृद्धि हुई है।
गृहिणियाें का ये है कहना
रसोई का बजट बिगड़ता है तो पूरे परिवार को प्रभावित करता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि खाद्य पदार्थ के दामों को व्यवस्थित रखने का प्रयास करें। -गीता शर्मा
महंगाई बढ़ने से मध्यवर्गीय परिवार परेशान हो जाता है। सिलिंडर के साथ फल व सब्जियों के दाम बढ़ने से मुश्किलें बढ़ जाती है। ऐसे में घर परिवार का बजट पूरी तरह से बिगड़ जाता है।
-सोनिया
इस समय सब्जियों के दाम बाजार में बहुत बढ़ गए हैं। इस कारण प्रतिदिन सब्जी खाना बहुत मुश्किल होता जा रहा है। वर्तमान में भिंडी, करेला आदि सभी सब्जियां 80 से 100 रुपये किलो में मिल रही है।
- गीता शर्मा
बढ़ती महंगाई व सब्जी की कीमतों में भारी उछाल ने खाने का स्वाद बिगाड़कर रख दिया है। ऑफ सीजन तो दूर की बात अब सीजन की सब्जियां खाना भी मुश्किल हो गया है।
-नेहा शर्मा