रुड़की। ठगी को लेकर पुलिस और भाजपाइयों में हुए विवाद के मामले में सीएम दरबार में बृहस्पतिवार रात से लेकर अगले दिन रात तक चली रस्साकशी के बीच मंगलौर कोतवाली प्रभारी को पुलिस मुख्यालय देहरादून से अटैच कर दिया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। वहीं, मामले को लेकर भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल कार्यकर्ताओं के साथ दो दिन तक देहरादून में ही डटे रहे।
बुधवार को मंगलौर कोतवाली में बबीता सैनी ने पांच लोगों के खिलाफ 26 लाख की धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। एक आरोपी को पुलिस ने दोपहर में गिरफ्तार कर लिया था। मामले को लेकर कोतवाली पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में विवाद हो गया था। आरोप है कि देर रात पुलिस के पैसे लेने के आरोपों पर भड़के कोतवाल यशपाल बिष्ट ने गालीगलौज कर दी थी। यही नहीं, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल की मौजूदगी में पुलिस ने भाजपा नेता पर लाठियां फटकार दी थीं। देर रात विधायक कर्णवाल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और डीजीपी अशोक कुमार से मुलाकात कर कोतवाल पर कार्रवाई की मांग की थी।
इसे लेकर बृहस्पतिवार रात तक सीएम दरबार में बातचीत चली। शुक्रवार सुबह विधायक और प्रदेश अध्यक्ष ने फिर सीएम से मुलाकात की। इसके बाद डीजीपी के आदेश पर एसएसपी ने मंगलौर कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट का निष्पक्ष जांच के मद्देनजर रुड़की सिविल लाइंस कोतवाली तबादला कर दिया। यहां के कोतवाल रहे अमरचंद शर्मा को मंगलौर कोतवाली का प्रभारी बनाया गया, लेकिन भाजपाई इस पर भी नहीं माने। झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, भाजपा नेता सागर गोयल और गौरव कौशिक समेत अन्य भाजपाई कोतवाल को जिले से बाहर भेजने का दबाव बनाते रहे। आखिरकार रात होते-होते यशपाल सिंह बिष्ट को पुलिस मुख्यालय देहरादून से अटैच कर अमरचंद शर्मा को वापस रुड़की कोतवाली बुला लिया गया। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लक्सर सीओ बीएस चौहान मामले की जांच कर रहे हैं।