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पेशकार से बॉर्डर पर मारपीट व लूटपाट में दरोगा सस्पेंड

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रुड़की। जिला कोर्ट के पेशकार और उनके साथियों के साथ नारसन बॉर्डर पर मारपीट व लूटपाट के मामले में ड्यूटी पर तैनात दरोगा पर गाज गिरी है। जांच में दोषी पाए जाने पर एसएसपी की ओर से दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, दरोगा पर कार्रवाई के बाद घटना वाले दिन ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों में खलबली मची है।
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हरिद्वार के ज्वालापुर पीठ बाजार निवासी नितिन अग्रवाल जिला कोर्ट में पेशकार हैं। छह अगस्त को सुबह करीब साढ़े चार बजे वह अपने चार साथियों के साथ मेरठ से ज्वालापुर लौट रहे थे। इस बीच नारसन बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों से उनकी नोकझोंक हो गई थी। आरोप था कि पुलिसकर्मियों ने नितिन अग्रवाल और उनके साथियों के साथ गालीगलौज करते हुए मारपीट कर दी थी। इतना ही नहीं, उनके गले से सोने की चेन लूट ली थी। तहरीर पर मंगलौर कोतवाली में एक दरोगा समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। वहीं, दरोगा भजराम चौहान ने आरोप लगाया था कि वह कांवड़ मेला फोर्स के साथ ड्यूटी कर रहे थे।
इस दौरान कार चालक ने गलत दिशा में गाड़ी को तेजी से भगाकर निकालने का प्रयास किया था। आरोप था कि कार में बैठे एक व्यक्ति ने गालीगलौज करते हुए कोर्ट में पेशकार होने की धमकी दी थी। इस पर पुलिस ने नितिन अग्रवाल, मंगल, शिवम मेहता, चंदन गर्ग समेत एक अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। इस मामले की एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने गंभीरता से जांच करने के आदेश दिए थे। अब मामले में एसएसपी की ओर से दरोगा भजराम चौहान को सस्पेंड कर दिया गया है। माना जा रहा है कि जांच में दरोगा की लापरवाही सामने आई है। इसके बाद एसएसपी ने यह कार्रवाई की है। उधर, एसएसपी का कहना है कि मामले में दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। अभी जांच चल रही है। आगे जांच में जो भी सामने आएगा, उसी के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
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