लक्सर। उपजिलाधिकारी की पाठशाला में कक्षा नौ के सभी छात्र हिंदी में फेल साबित हुए। हिंदी के एक पैराग्राफ का सार नहीं बताने उन्होंने शिक्षकों को टीचिंग लर्निंग मैटीरियल (टीएलएम) के जरिये छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान देने को कहा। साथ ही जो छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करने के लिए लेक्चर की रिकॉर्डिंग करने के भी निर्देश दिए।
स्कूल खुलने पर कोरोना गाइडलाइन का कितना पालन हो रहा है और शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर जांचने के लिए एसडीएम वैभव गुप्ता ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र के अकबपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने जूनियर हाईस्कूल में छात्रों को हिंदी का पैराग्राफ पढ़कर उसका सार बताने को कहा। एक छात्र ने कुछ कोशिश की, लेकिन अन्य छात्र पूरे पैराग्राफ के अर्थ को नहीं समझा सके। इस पर एसडीएम ने शिक्षकों को व्यवहारिक ज्ञान देकर पढ़ाई कराने को कहा। उन्होंने पढ़ाई में टीचिंग लर्निंग मैटीरियल और मॉडल के जरिये पढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बायोलॉजी की कक्षा में भी मॉडल के जरिये पढ़ाए जाने को कहा।
एसडीएम ने हाईस्कूल में निरीक्षण के दौरान पाया कि छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था नहीं की जा रही थी। उन्होंने बताया कि कक्षा में पंजीकृत 53 में से 38 बच्चे ही पहुंचे थे। जो छात्र स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके लिए सरकार की ओर से ऑनलाइन कक्षाओं की सुविधा दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। पूछने पर शिक्षकों ने बताया कि ज्यादातर बच्चे ऑनलाइन कक्षाएं लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस पर एसडीएम ने लेक्चर की रिकॉर्डिंग करने और अभिभावकों से बात कर छात्रों को ऑनलाइन जोड़ने के निर्देश दिए।
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एक बेंच पर चार बच्चे, दाल के नाम पर पानी
स्कूल की छतों और दीवारों पर लगे थे जाले, एसडीएम ने दिए नोटिस जारी करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
लक्सर। कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच स्कूल खुल तो गए हैं, लेकिन जरूरी एहतियात बरतने में भारी लापरवाही बरती जा रही है। ऐसा ही उदाहरण एसडीएम के निरीक्षण के दौरान अकबरपुर के जूनियर हाईस्कूल में देेखने को मिला। यहां एक बेंच पर चार-चार बच्चों को बैठाया गया था। भोजन और सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं थी। एसडीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि अकबरपुर स्थित प्राइमरी, जूनियर हाईस्कूल और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया गया। जूनियर हाईस्कूल में ही कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राएं पढ़ती हैं। यहां छात्रों के बीच शारीरिक दूरी का पालन नहीं कराया जा रहा था। एक बेंच पर चार-चार छात्रों को बैठाया गया था। एसडीएम ने शिक्षकों को निर्देश देने के साथ ही छात्रों को भी कोरोना के नियमों का पालन करने को कहा। इसके अलावा स्कूल में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं थी। छतों और दीवारों पर जाले लगे थे। स्कूल की रसोई में खाने की गुणवत्ता अच्छी नहीं मिली। जो दाल बनाई गई थी, उसमें पानी ज्यादा था। उन्होंने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी को खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कराए जाने को लेकर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस का जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कक्षा में दुरुस्त नहीं थी प्रकाश व्यवस्था
एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कक्षा में लगाए गए बल्ब ठीक नहीं थे। धीमी रोशनी के चलते बच्चे ठीक से किताब नहीं पढ़ पा रहे थे। एसडीएम ने बताया कि प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से जहां छात्रों को पढ़ने में परेशानी हो रही थी तो वहीं इससे आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है। उन्होंने प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।