केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय की ओर से दस सलाहकार विशेषज्ञों का समूह गठित किया गया है। जिसे गंगा जीर्णोद्धार के थिंक टैंक के रूप में रेखांकित किया गया है। जिसमें देश की सभी आईआईटी में से मात्र आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक प्रो. कमल जैन को ही शामिल किया गया है।
प्रो. कमल जैन कमेटी में तकनीकी विशेषज्ञ बनाया गया है। विशेषज्ञों का यह समूह हर माह केंद्रीय मंत्री को नमामि गंगा प्रोजेक्ट की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर तकनीकी सुझाव देने के साथ ही किए जा रहे कार्यों का आकलन एवं रूपरेखा प्रस्तुत करेगा।
केंद्रीय मंत्रालय की ओर से जारी कार्यालयी आदेशों के अनुसार गंगा जीर्णोद्धार के उद्देश्य से थिंक टैंक के रूप में विशेषज्ञों के सलाहकार समूह का गठन किया गया है। जो नमामि गंगा प्रोजेक्ट के तहत गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाने के कार्यों का आकलन एवं रूपरेखा प्रस्तुत करेगा।
जल संसाधन मंत्री उमा भारती को सीधे सलाह देगी कमेटी
कमल जैन
दस विशेषज्ञों के इस समूह में आईआईटी रुड़की के सिविल विभाग के वैज्ञानिक प्रो. कमल जैन ने भी स्थान हासिल करने में सफलता पाई है। यह कमेटी सीधे तौर पर जल संसाधन मंत्री उमा भारती को सलाह देगी। प्रदेशों के विशेषों से आनलाइन डिस्कशन और धरातल पर कार्यों का निरीक्षण कर उसकी जानकारी देंगे।
इसके अलावा रिवर बेसिन आधारित शहरी एवं ग्रामीण विकास से संबंधित पहलुओं पर भी राय देंगे। वहीं नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा स्कीम को साकार करने में भी योगदान देंगे। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि थिंक टैंक के विशेषज्ञ केंद्रीय मंत्री उमा भारती के दिशा निर्देशन में काम करेंगे। जो प्रत्येक माह कम से कम एक बार केंद्रीय मंत्री के साथ आयोजित होने वाली बैठक में भी हिस्सा लेंगे।
थिंक टैंक में शामिल किए गए दस सदस्य
- पुष्कल उपाध्याय, एएमडी, एनएमसीजी - सदस्य सचिव
- डा. कमल जैन, आईआईटी रुड़की - सदस्य तकनीक विशेषज्ञ
- सिराज हुसैन, सेवानिवृत्त आईएएस - सदस्य
- चंद्रमौली - सदस्य
- दिनेश मिश्रा - सदस्य
- एसएन मिश्रा, सेवानिवृत्त आईएएस - सदस्य
- गोपाल कृष्ण अग्रवाल - सदस्य
- डा. भरत झुनझुनवाला - सदस्य
- मोहित राय - सदस्य
- रमा राउत - सदस्य