ओनिडा फैक्टरी (मिर्क इलेक्ट्रॉनिक्स) में कर्मचारियों को आग से बचाव और बुझाने का प्रशिक्षण देते समय अचानक अग्निशमन सिलिंडर में धमाका होने के मामले में पुलिस ने फैक्टरी के एचआर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही मामले में कर्मचारियों के बयान दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस सिलिंडरों की भी जांच कर रही है।
बुधवार को शाम साढ़े चार बजे मुंडियाकी स्थित फैक्टरी के मैदान में करीब 30 कर्मचारियों को अग्निमशन का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इस बीच अचानक अग्निशमन सिलिंडर में धमाका हो गया था। इसकी चपेट में आकर छह कर्मचारियों में से तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। तीन अन्य कर्मचारियों को मामूली चोटें आई थीं।
तीनों घायलों हर्ष निवासी मोहम्मदपुर, मुकुल नगला सलारु एवं सोनू निवासी मुंडलाना को मंगलौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच की थी। अब इस मामले में मुंडियाकी निवासी कर्मचारी मुकल के रिश्तेदार नीरज कुमार निवासी कुरहेड़ा, थाना भोपा ने पुलिस को तहरीर दी है।
तहरीर में बताया कि मुकुल कंपनी में मॉडलिंग मशीन पर कार्य करता है। 22 जून को मुकुल कुमार से कंपनी के एचआर केपी सिंह ने आग बुझाने वाले सिलिंडर की टेस्टिंग करने की बात कही थी। इस पर मुकुल ने कहा था कि उसका काम टेस्टिंग करने का नहीं है। साथ ही कहा था कि सिलिंडरों की डेट भी एक्सपायर हो चुकी है।
आरोप है कि कंपनी के एचआर ने मुकुल पर सिलिंडरों की टेस्टिंग करने का दबाव बनाया था। साथ ही ऐसा न करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी थी। इस पर मुकुल ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर सिलिंडरों की टेस्टिंग शुरू कर दी थी। तभी अचानक धमाका हो गया था। आरोप है कि कंपनी एचआर की लापरवाही से घटना हुई है। कोतवाली प्रभारी राजीव रौथाण ने बताया कि तहरीर के आधार पर ओनिडा फैक्टरी के एचआर केपी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही सिलिंडरों की जांच कराई जा रही है।