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बिना बजट पास किए निमार्ण कार्य पर भड़के पार्षद, हंगामा

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रुड़की नगर निगम में आयोजित बोर्ड की बैठक के दौरान पार्षद व सहायक नगर आयुक्त से होती नोकझोंक। - फोटो : ROORKEE
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नगर निगम की बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। बजट पास करने के लिए बुलाई गई बोर्ड बैठक में बजट समेत पांच प्रस्ताव पास नहीं हो पाए। हालांकि, दो प्रस्तावों को पार्षदों ने मंजूरी दे दी। पार्षदों ने कहा कि जब बजट का प्रस्ताव पास नहीं हुआ है तो करोड़ों रुपये के निर्माण और भुगतान कैसे हो गए। पार्षदों ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह इस मामले को लेकर कोर्ट भी जाएंगी।
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नगर निगम की 23 अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक में बजट का प्रस्ताव पास नहीं हुआ था। पार्षदों ने केवल वेतन के बजट को ही स्वीकृति दी थी। बजट पास कराने को लेकर शुक्रवार को मेयर गौरव गोयल ने बोर्ड बैठक बुलाई थी। बोर्ड बैठक के एजेंडे में बजट के अलावा छह अन्य प्रस्ताव भी थे। बोर्ड बैठक में जैसे ही बजट का प्रस्ताव पढ़ा गया और उसे स्वीकृति देने के लिए पार्षदों की मंजूरी मांगी गई तो पार्षद विवेक चौधरी ने माइक थाम लिया।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च को बजट शून्य हो जाता है। अगले बजट के लिए बोर्ड की मंजूरी की जरूरत होती है लेकिन पिछली बैठक में केवल वेतन संबंधी बजट को ही मंजूरी दी गई थी। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारियों ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के टेंडर जारी कर करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया। कहा कि मेयर की जानकारी में यह सब कुछ हुआ है।
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उन्होंने कहा कि जब बजट बोर्ड ने पास ही नहीं किया था तो करोड़ों रुपये के विकास कार्य कैसे हो गए। उन्होंने अधिकारियों पर पार्षदों की अवमानना का आरोप लगाया। साथ ही सहायक नगर आयुक्त एसपी गुप्ता से इसका जवाब मांगा। बैठक के दौरान सहायक नगर आयुक्त ने पार्षदों को बताया गया कि नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला ही इसका जवाब दे सकते हैं। अभी वह चारधाम यात्रा ड्यूटी पर हैं। इस पर पार्षदों ने मेयर गौरव गोयल से दस दिन बाद फिर से बैठक बुलाने की बात कही। इसमें बजट का प्रस्ताव रखा जाएगा। साथ ही कहा कि नगर आयुक्त बताएंगे कि कैसे उन्होंने बोर्ड की अनुमति के बिना यह कार्य कराए हैं। इस दौरान विधायक फुरकान अहमद समेत पार्षद राकेश गर्ग, नितिन त्यागी, आशीष अग्रवाल, पंकज सतीजा, मंजू आदि मौजूद रहे।
गृहकर को लेकर भड़के पार्षद
गृहकर से संबंधित प्रस्ताव को लेकर चंद्रप्रकाश बाटा और बेबी खन्ना ने कड़ी आपत्ति जताई। इसे लेकर उनकी सहायक नगर आयुक्त एसपी गुप्ता से नोकझोंक हो गई। वहीं, सहायक नगर आयुक्त का कहना था कि नियमावली के आधार पर ही गृहकर निर्धारित किया गया है। पार्षदों का कहना था कि एक ही जिला है लेकिन इसके बाद भी हरिद्वार व रुड़की नगर निगम में गृहकर में बड़ा अंतर है।
जब्त पॉलिथीन के रिकॉर्ड पर भिड़े
पार्षद विवेक चौधरी, नितिन त्यागी समेत कई पार्षदों ने सहायक नगर आयुक्त संजय कुमार से पॉलिथीन अभियान में अब तक कितनी पॉलिथीन जब्त की गई, इसका जवाब मांगा। कहा कि यह पॉलिथीन कहां रखी गई है और इनका क्या किया गया है। इस पर सहायक नगर आयुक्त जवाब नहीं दे पाए। इस पर पार्षदों ने जब्त पॉलिथीन का रिकॉर्ड रखने के लिए लॉकबुक बनाए जाने की बात कही।
25 लाख मांगने का मामला गरमाया
बोर्ड बैठक में मेयर गौरव गोयल की ओर से 25 लाख रुपये मांगे जाने का मामला भी गरमाया। इस मामले में ऑडियो और मेयर गौरव गोयल की आवाज मिलती जुलती आई थी। पार्षद विवेक चौधरी, नितिन त्यागी ने मामले की एसआईटी से जांच कराने की मांग की। इसका सभी पार्षदों ने समर्थन किया।
दो मिनट का रखा मौन
मेयर गौरव गोयल ने कहा कि सलेमपुर वार्ड के युवा पार्षद धीराज सिंह अब उनके बीच नहीं है। उनकी भरपाई नहीं हो सकती है। इसके बाद बोर्ड बैठक में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
ये रहे प्रस्ताव
शासन के निर्देश पर सैप्टेज मैनेजमेंट बायलॉज बनाए जाने और निगम के खराब सामान की नीलामी से संबंधित प्रस्ताव को पार्षदों ने मंजूरी दी। हालांकि, बायलॉज दिखाए जाने के लिए कहा गया। वहीं, कूड़ा सेग्रीगेशन के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया।
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