भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक लक्सर में आयोजित की गई। इस दौरान कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर रणनीति तैयार की गई। वक्ताओं ने आंदोलन को हर स्थिति में जारी रखने पर सहमति जताई। बाद में प्रदेश और जिले में चार लोगों को नियुक्ति पत्र भी जारी किए गए।
सोमवार को आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महासचिव नितिन चौधरी ‘नीलू’ ने कहा कि देश में सबसे बड़ी संख्या किसानों की है। सारे किसानों ने भाजपा के पक्ष में मतदान कर नरेंद्र मोदी को केंद्र की सत्ता सौंपी थी, लेकिन मोदी सरकार ने सबसे ज्यादा अहित किसानों का किया है। काले कृषि कानून बनाकर किसानों की रोजीरोटी का जरिया, उनकी जमीन तक छीनने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष सुभाष नंबरदार ने कहा कि किसान अपनी जायज मांगों को लेकर दस महीने से दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन मोदी उनकी बात सुनने तक को तैयार नहीं हैं। कहा कि सरकार अगर कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी तो किसान सरकार बदलकर कानून रद्द कराएंगे।
बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों ने दिल्ली के किसान आंदोलन को अगले लोकसभा चुनाव तक जारी रखने पर सहमति जताई। साथ ही इसमें प्रतिभाग करने के लिए हर गांव से दस किसानों की एक टीम बनाने की रणनीति भी तैयार की गई। बाद में कुर्बान खान को प्रदेश संगठन सचिव, योगेश चौधरी को प्रदेश महासचिव, मोहम्मद मुर्तजा को जिला उपाध्यक्ष, मुर्तजा को जिला सचिव नामित किया गया। बैठक में युवा प्रदेश अध्यक्ष परविंदर सिंह, जोगेंद्र चौधरी, सागर सिंह, तालिम, रोबिन चौधरी, अखलाक खान, अशफाक, अनिल चौधरी, पप्पू राणा, मुंतियाज, अभिषेक, दानिश मौजूद रहे।