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संकट हरने घर-घर विराजे गणपति महाराज

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झबरेड़ा क्षेत्र के लाठरदेवा स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर लगी श्रद्धालुओं की कता - फोटो : ROORKEE
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संकट हरने घर-घर विराजे गणपति महाराज
शहर में विभिन्न मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया गणेश जन्मोत्सव
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। श्रद्धालुओं के संकट हरने के लिए गणपति महाराज घरों और मंदिरों में विराजमान हो गए हैं। भक्तों ने भी धूमधाम से भगवान श्रीगणेश का अपने घरों में स्वागत किया। अब अपने भक्तों के घरों में 10 दिन तक विराजमान होकर श्रीगणेश उनके संकट हरेंगे और अनंत चतुर्दशी पर उनका विसर्जन किया जाएगा।
कई दिन से लोगों ने शहर में गणेश जन्मोत्सव यानी गणेश चतुर्दशी की तैयारियां शुरू कर दी थीं। एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं ने बाजारों से भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं खरीदनी शुरू कर दी थीं। पंडित रजनीश शास्त्री ने बताया कि भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी को श्री गणेश जत्मोत्सव मनाया जाता है। इस शुभ घड़ी में विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता भगवान गणेश घरों और मंदिरों में विराजमान हुए। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ घरों और मंदिरों में उनका स्वागत किया। अब अगले एक सप्ताह तक गणेश जन्मोत्सव मनाया जाएगा। रोजाना सुबह आठ बजे और शाम सात बजे दैनिक पूजा अर्चना की जाएगी। इसके दस दिन बाद यानी 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान भक्त श्रीगणेश की प्रतिमा का विसर्जन करेंगे। हालांकि श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार तीन, पांच या सात दिन में भी भगवान श्रीगणेश का विसर्जन कर सकते हैं।
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इस बार गणेश चतुर्थी पर हैं शुभ योग
पंडित रजनीश शास्त्री ने बताया कि इस साल गणेश चतुर्थी पर कुछ शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इस त्योहार को और भी ज्यादा खास बना रहे हैं। शुक्रवार को गणेश चतुर्थी के दिन बुध और मंगल कन्या राशि में युति करेंगे, जबकि शुक्र और चंद्रमा की युति तुला राशि में होगी। तुला राशि शुक्र की अपनी राशि है, जबकि शुक्र और चंद्रमा को महिला प्रधान ग्रह माना जाता है। इसलिए इन दोनों की युति इस भाव में होने से महिलाओं के लिए यह गणेश चतुर्थी बहुत शुभ साबित होगी।
भगवान श्री गणेश को भोग लगाकर प्रसाद बांटा
गांव लाठरदेवा हुण स्थित प्राचीन श्री गणेश मंदिर में लोगों ने भगवान गणेश को भोग लगाते हुए प्रसाद अर्पित कर सुख शांति की कामना की गई। लोगों ने मंदिर में पूजा पाठ किया। श्री गणेश मंदिर के पुजारी मोंटी शर्मा व सुशांत शर्मा का कहना है कि सुबह से ही भगवान श्री गणेश को भोग लगाकर प्रसाद अर्पित करने वालों की लंबी लाइन लग गई।
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घरों और मंदिरों में गूंजे श्रीगणेश के जयकारे
खानपुर/लक्सर। शुक्रवार को लक्सर और खानपुर क्षेत्रों में गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया गया। इस मौके पर गणपति बाबा मोरिया, मंगल मूर्ति मोरिया के साथ बाजारों से मिट्टी के बने भगवान गणेश की प्रतिमा को लोगों ने विधि विधान के साथ पूजन कर मंदिरों और घरों में स्थापित किया।
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श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी विनीत जोशी ने बताया कि भाद्रपद की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्मदिन मनाया जाता है। मान्यता है कि महर्षि वेदव्यास के आह्वान पर भगवान गणेश ने इसी दिन से महाभारत को लिखना शुरू किया था। शुक्रवार को लक्सर, खानपुर, गोवर्धनपुर, सुल्तानपुर, भिक्कमपुर, रायसी क्षेत्रों गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया गया। प्रह्लादपुर स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर के पुजारी विनोद शर्मा ने बताया कि मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई।
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