खानपुर (रुड़की)। दो दिन की बारिश के चलते गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। इसके चलते तीन जगह से टूटे पड़े तटबंध से बाढ़ का पानी क्षेत्र की लगभग 15 हजार बीघा कृषि भूमि पर फैल गया है। कुछ गांव के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है। हालांकि आबादी में बाढ़ का पानी नहीं घुसा है, वहीं तहसील प्रशासन सोमवार की रात से ही गंगा तटीय इलाकों में नजर रखे हुए है।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते सोमवार की रात गंगा का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान 294 मीटर को पार कर 294.25 मीटर तक पहुंच गया था। गंगा में आई बाढ़ का पानी गंगा नदी के तीन जगह से टूटे पड़े तटबंध से क्षेत्र के कलसिया, बालावाली, डुमनपुरी, गिद्धावाली, पोडोवाली, बादशाहपुर, खानपुर, शेरपुर बेला, चंद्रपुरी कला, चंद्रपुरी खुर्द गांव सहित उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव की लगभग 15 हजार बीघा कृषि भूमि पर फैल गया है। इसके चलते गन्ना, धान और पशुओं के हरे चारे की फसलें जलमग्न हो गई हैं। वहीं कलसिया, बालावाली गांव के संपर्क मार्ग पर भी बाढ़ का पानी भर गया है। लक्सर एसडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि सोमवार रात लगभग ढाई बजे से ही गंगा तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। पानी बढ़ने की संभावना को देखते हुए मंगलवार सुबह से गंगा तटीय गांवों में राजस्व टीम लगाई गई है ताकि लोगों को गंगा की ओर जाने से रोका जाए।