लक्सर में मंदिर से मूर्ति उखाड़ने को लेकर मौके पर जांच पड़ताल करते सीओ व कोतवाली प्रभारी।
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कुछ शरारती तत्वों ने रुड़की तिराहे के पास स्थित रुद्र महादेव मंदिर के बाहर लगी दो मूर्तियों को उखाड़कर फेंक दिया। इससे हिंदू संगठनों का गुस्सा भड़क उठा। मामला तूल न पकड़े इसे लेकर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जानकारी ली। मामले में पुजारी की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
लक्सर में रुड़की तिराहे के पास काफी पुराना रुद्र महादेव शिव मंदिर है। मंदिर के बाहर कुछ जमीन खाली पड़ी है। पिछले वर्ष दिसंबर 2021 में मंदिर के पुजारी फूल गिरि ने खाली जमीन में दो देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर दी थीं। बताया जा रहा है कि बुधवार रात कुछ लोग मंदिर के पास पहुंचे और मूर्तियों को उखाड़ना शुरू कर दिया। इसकी सूचना पुजारी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी ली। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही लोग मूर्तियों को उखाड़ते रहे। इसी बीच सीओ बहादुर सिंह चौहान और कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट तत्काल मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उधर, हिंदू संगठनों के काफी लोग भी मौके पर पहुंचे और पुलिस से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि जमीन के मालिकाना हक के बारे में जानकारी ली जा रही है। जमीन पर हक जताने वाले से कागज मांगे गए हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू संगठन के कार्यकर्ता समेत कई पर मुकदमा
मंदिर के सामने से मूर्ति हटाने संबंधी पोस्ट सोशल मीडिया पर डालने के मामले में पुलिस ने हिंदू संगठन के एक नेता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। बुधवार रात मूर्तियां हटाने का मामला सोशल मीडिया पर चल रहा था। आरोप है कि इस दौरान लक्सर के बाक्करपुर निवासी हिंदू संगठन के नेता सूर्यकांत बजरंगी ने सोशल मीडिया पर इस संबंध में पोस्ट डाल दी। बाद में कई लोगों ने इसे इसे शेयर भी किया। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने सूर्यकांत समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि सोशल मीडिया पर धार्मिक भावना भड़काने के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।