आसपास के क्षेत्र में ड्रग लाइसेंस नहीं बल्कि फूड लाइसेंस की आड़ में नकली दवाओं का कारोबार चलता रहा है। ड्रग विभाग डेढ़ साल में ऐसे कई मामलों का खुलासा कर चुका है। स्थानीय ड्रग विभाग ने उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन के उस दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि हरिद्वार जिले की फैक्टरियों से नकली दवाएं यूपी में सप्लाई हो रही हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में कई मामले ऐसे पकड़े गए हैं, जिनमें नशे के इंजेक्शनों सप्लाई यूपी से उत्तराखंड में हो रही थी।
गौरतलब है कि यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के अमीनाबाद बाजार से एक दवा कारोबारी को गिरफ्तार कर बताया है कि हरिद्वार और रुड़की के कई फैक्टरी मालिकों की सूची तैयार की जा रही है, जो अमीनाबाद के अलावा यूपी के कई इलाकों में नकली दवा खपाते हैं। बता दें कि रुड़की और आसपास के इलाकों में पिछले करीब डेढ़ साल में नौ ऐसे मामले पकड़े गए हैं, जिनमें 25 अभियुक्तों को जेल भेजा गया। इन सभी मामलों में फैक्टरी के लाइसेंस के आधार पर नकली दवाओं की बात सामने नहीं आई बल्कि फूड लाइसेंस की आड़ में नकली दवाओं के कारोबार की पुष्टि हुई है।
स्थानीय ड्रग निरीक्षक मानवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि यूपी पुलिस का यह दावा सरासर गलत है कि फैक्टरियों में नकली दवाएं बनाई जा रही हैं। जिन फैक्टरियों के पास लाइसेंस हैं, उनकी समय-समय पर मॉनिटरिंग भी होती है। रही बात अवैध रूप से दवाओं के बनाने की तो डेढ़ साल में नौ मामले पकड़े गए हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में ही इन दिनों नकली दवाओं का गिरोह सक्रिय है। आगरा समेत तमाम जगहों पर पंजाब पुलिस छापा मार रही है। यही नहीं, यूपी के मुजफ्फरनगर, सहारनपुर क्षेत्र से उत्तराखंड में नशीले इंजेक्शन सप्लाई हो रहे हैं। हाल में ऐसे कई मामले पकड़े गए हैं।