सीबीएसई बोर्ड की टर्म-टू की बोर्ड परीक्षा के पहले दिन अंग्रेजी का आसान पेपर देखकर परीक्षार्थियों के चेहरे खिले हुए नजर आए। दो साल बाद परीक्षा देने की खुशी भी बच्चों के चेहरे पर साफ दिखाई दी। पहले दिन दसवीं के 33 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
बुधवार को सीबीएसई की टर्म-टू की हाईस्कूल की परीक्षाएं शुरू हुईं। टर्म-वन की परीक्षाएं पहले कराई जा चुकी हैं। परीक्षाओं को लेकर कई दिन से तैयारियां चल रही थीं। रुड़की क्षेत्र में बोर्ड परीक्षाओं के लिए 15 केंद्र बनाए गए हैं। इस परीक्षा केंद्रों पर कोरोना महामारी के सभी नियमों का पालन करवाने के एक दिन पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए थे। बुधवार को पहले दिन सभी केंद्रों पर छात्र-छात्राएं निर्धारित समय से आधा घंटा पहले पहुंच गए थे। हर केंद्र पर परीक्षार्थियों को प्रवेश से पहले मास्क पहनाया गया। इसके साथ ही परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही उनके हाथ सैनिटाइज करवाए गए। परीक्षा सुबह दस बजे शुरू होकर 12.30 पर संपन्न हुई। पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न होने पर आयोजकों ने राहत की सांस ली। वहीं पहले दिन अंग्रेजी का आसान पेपर देखकर परीक्षार्थियों के चेहरे खिले दिखाई दिए।
परीक्षार्थी कोमल सिंह और मेघा यादव ने बताया कि अंग्रेजी का पेपर बेहद आसान था। पहला पेपर अच्छा हो जाए तो आगे पेपरों की तैयारियों को लेकर उत्साह बना रहता है। वहीं शुभम सैनी और वीर रावत ने बताया कि पेपर आसान था, इसलिए उन्होंने समय से पहले ही पेपर पूरा कर दिया था। परीक्षा सिटी कोआर्डिनेटर माला चौहान ने बताया कि दसवीं की टर्म-टू की परीक्षा के लिए 15 केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन पंजीकृत 4864 में से 4831 परीक्षार्थी उपस्थित रहे जबकि 33 परीक्षार्थी नहीं पहुंचे हैं। पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।