अफगानिस्तान में तालिबान के वर्चस्व के बाद परिवारों की सुरक्षा को लेकर डर और चिंताओं के बीच अफगानिस्तान के सात छात्र भारत में होने के चलते सुरक्षित हैं। आईआईटी रुड़की में पीएचडी और पीजी पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले 58 छात्रों में से ज्यादातर कोरोना काल से ही कैंपस में नहीं हैं। ऐसे में संस्थान रह रहे इन सात अफगानी छात्रों को अपने दोस्तों की भी चिंता है।
आईआईटी रुड़की में पीएचडी और पीजी पाठ्यक्रमों में इस साल प्रथम सेमेस्टर में 31 छात्रों ने प्रवेश लिया था जबकि संस्थान में अफगानी छात्रों की कुल संख्या 58 है। इसे बदकिश्मती कहें या फिर खुशकिस्मत कि इनमें से 51 छात्र कोरोना के चलते क्लासेज शुरू नहीं होने से कैंपस में नहीं हैं। संस्थान प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में कैंपस में सात ही छात्र हैं। मिली जानकारी के अनुसार, संस्थान के हॉस्टल में रह रहे अफगानी छात्र अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और दिन में कई-कई बार घर फोन कर हालात का जायजा ले रहे हैं।
साथ ही जो छात्र इस समय अफगानिस्तान में हैं, उनके हालचाल भी ले रहे हैं। कैंपस में रह रहे छात्रों के परिजन अफगानिस्तान में बिगड़ रहे हालात के सामान्य होने तक उन्हें भारत में रहने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में यहां रह रहे छात्र सुरक्षित हैं, लेकिन परिवार को लेकर उनके मन में डर और चिंता का माहौल है। आईआईटी रुड़की के इंटरनेशनल रिलेशन डीन प्रो. पी अरुमुगम ने बताया कि अफगानिस्तान के 58 छात्र पीएचडी और पीजी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। इनमें से 31 ने प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लिया है। वर्तमान में संस्थान परिसर में सात छात्र हैं।