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डॉक्टर और मरीजों पर मौसम रहा भारी

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रुड़की सिविल अस्पताल में खाली पड़ी महिला ओपीडी। - फोटो : ROORKEE
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शहर में शीत लहर से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम के बदलते मिजाज का असर शनिवार को सिविल अस्पताल रुड़की पर भी दिखाई दिया। अस्पताल में सुबह नौ बजे ओपीडी खोल दी गई थी लेकिन इक्का-दुक्का लोग ही काउंटर पर पर्चा बनवाते नजर आए। वहीं दूसरी ओर नौ बजे तक ओपीडी में कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था। सुबह 10 बजे मरीजों की संख्या तो बढ़ी लेकिन वो भी अन्य दिनों के मुकाबले काफी कम थी। अमूमन रोजाना 10 बजे तक करीब 200 लोग पर्चा बनवा लेते हैं लेकिन शनिवार को केवल 47 लोगों ने ही पर्चा बनवाया।
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दूसरी तरफ डॉक्टरों के लेट पहुंचने के कारण जो मरीज आए भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 9 बजे ओपीडी में पहुंचने वाले डॉक्टर करीब 10.30 बजे अपने कक्षों में पहुंचे। हड्डी रोग विशेषज्ञ मरीज न होने के कारण केबिन में नहीं थे। सुबह 11 बजे जब मरीज पहुंचे तो डॉक्टर के न होने के कारण उन्हें असुविधा हुई। थोड़ी देर बाद डॉक्टर के आने पर उन्होंने राहत की सांस ली। उधर, महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ महिलाएं पर्चा लेकर पहुंचीं तो पता चला कि अब तक डॉक्टर नहीं आई हैं। ऐसे में उन्हें निराश लौटना पड़ा। वहीं दोपहर 12 बजे तक बच्चों की ओपीडी में केवल 11 बच्चे आए। मरीजों की संख्या कम होने पर डॉक्टर भी धूप सेंकते नजर आए। दोपहर दो बजे तक सिविल अस्पताल में केवल 260 मरीजों ने पर्चा बनवाया था।
सीटी स्कैन के लिए भटकते रहे मरीज
दोपहर करीब एक बजे मंगलौर से आए उस्मान और भगवानपुर से पहुंचे दिलशाद ने बताया कि डॉक्टर ने सीटी स्कैन के लिए लिख है। वे जब ट्रामा सेंटर स्थित सीटी स्कैन कक्ष में पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। पूछताछ करने पर पता चला कि मशीन लंबे समय से खराब चल रही है। यहां सीटी स्कैन नहीं होगा, बाहर कराना पड़ेगा। मरीजों का कहना है कि उनकी इतनी कमाई नहीं कि वे बाहर महंगे दामों पर सीटी स्कैन करवा सके। वहीं रामनगर से आई उर्मिला और सीता को भी सीटी स्कैन मशीन खराब होने से बैरंग लौटना पड़ा।
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टीबी के मरीजों को नहीं मिल रही दवा
शनिवार को टीबी के कुछ मरीज दवा लेने अस्पताल पहुंचे तो उन्हें टीबी यूनिट में भेज दिया गया। जब वे यूनिट में पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। ये मरीज दोबारा अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से टीबी की दवा मांगी। यहां पता चला कि एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के चलते टीबी यूनिट बंद है। मरीजों को कई दिन से दवा नहीं मिल पा रही है। गौरतलब है कि टीबी यूनिट में इस समय 70 मरीज पंजीकृत है। इन मरीजों को हफ्ते में एक बार सात दिन की दवा दी जाती है। किन्हीं कारणों से टीबी की एक दिन की भी दवा छूट जाती है तो इसका दोबारा कोर्स शुरू करना पड़ता है। मजबूरी में मरीजों को मेडिकल से महंगे दामों पर ये दवा खरीदनी पड़ रही है।
इस समय अस्पतालों में मरीजों की संख्या बेहद कम है। इस कारण ओपीडी में सन्नाटा दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद डॉक्टरों को सुबह नौ बजे ओपीडी में बैठना चाहिए। सीटी स्कैन मशीन खराब होने के चलते मरीजों को दिक्कत हो रही है। इसे जल्द ही ठीक करवाया जाएगा।
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- डॉ. संजय कंसल, सीएमएस, सिविल अस्पताल, रुड़की
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