रुड़की सिविल अस्पताल की ओपीडी में कमरा न. 12 के बाहर लगी मरीजों की भीड़।
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सिविल अस्पताल में ओपीडी में कुछ डॉक्टर कमरे से गायब हो गए। मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते हुए परेशान हुए तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए मरीज सीएमएस के कमरे में अपनी शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे तो वहां बाहर तैनात गार्ड ने उन्हें कमरे में दाखिल नहीं होने दिया। इसके बाद मरीज दोबारा खाली कमरों के बाहर बैठकर डॉक्टरों का इंतजार करने लगे। इस दौरान बहुत से मरीजों को बिना डॉक्टर को दिखाए निराश होकर लौटना पड़ा।
सिविल अस्पताल में अक्सर देखने में आता है कि कुछ डॉक्टर अपनी ओपीडी से गायब हो जाते हैं। ओपीडी में कमरा खाली देख मरीजों को डॉक्टर के अवकाश पर होने या न होने की जानकारी नहीं मिल पाने से असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। मरीजों की शिकायत के बाद सीएमएस ने ऐसे डॉक्टरों को पूर्व में नोटिस भी जारी कर दिया था। इसके बावजूद स्थिति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को भी बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल में उपचार के लिए आए थे। मरीजों ने अपना ओपीडी का पर्चा बनवाकर डॉक्टरों के कमरे में रख दिया और डॉक्टर का इंतजार करने लगे। तेल्लीवाला से आई मरीज फातिमा, सुल्ताना, रजिया और फरजाना ने बताया कि उन्होंने पहले कमरे में डॉक्टर को बैठे देखा था, इसलिए पर्चा बनवाने गईं। जब वापस आईं तो डॉक्टर कमरे से गायब थे। करीब एक घंटे तक वे डॉक्टर का ओपीडी के बाहर इंतजार करते रहे। वहीं गुम्मावाला माजरी निवासी सुखपाल और महेंद्र भी डॉक्टर के कमरे के बाहर एक घंटे से ज्यादा बैठे रहे। बाद में पता चला कि डॉक्टर अवकाश पर हैं, इसलिए वे 12 नंबर कमरे में दिखा सकते हैं। वहां जाकर देखा तो गेट पर मरीजों की भारी भीड़ लगी थी। सोत मोहल्ला निवासी इकराम का कहना था कि मात्र 10 दिन में वह तीन डॉक्टर बदल चुके हैं। हर बार पहला डॉक्टर गायब हो जाता है तो दूसरे डॉक्टर को दिखाने की बात कही जाती है। डॉक्टर अपनी मर्जी की दवा लिख देते हैं तो दूसरे डॉक्टर उस दवा को गलत बताकर अपनी दवा शुरू कर देते हैं। शनिवार को ओपीडी की स्थिति देखकर मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने वहीं हंगामा करना शुरू कर दिया। बाद में किसी के कहने पर मरीज सीएमएस के कमरे में पहुंचे। यहां गेट पर मौजूद गार्ड ने उन्हें ओपीडी में जाकर ही डॉक्टर का इंतजार करने की बात कही। ऐसे में गुस्साए मरीज बिना इलाज के ही वापस लौट गए। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कंसल ने बताया कि जो डॉक्टर ओपीडी में नहीं थे, उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा, जबकि अस्पताल के फिजिशियन छुट्टी पर चल रहे हैं।
मोतियाबिंद की जांच के लिए मिली नई मशीन
सिविल अस्पताल में मरीजों की आंख में मोतियाबिंद की जांच के लिए नई मशीन आ गई है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश खेतान ने बताया कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन से पहले आंख की जांच के लिए भी नई मशीन आ गई है।