मंगलौर में मंडी शुल्क घटाए की मांग को लेकर मंडी सचिव को ज्ञापन सौपते गुड व्यापारी।
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गुड़ मंडी के व्यापारियों ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के नेतृत्व में मंडी शुल्क बढ़ाने के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव को ज्ञापन सौंपकर मंडी शुल्क एक फीसदी करने की मांग की है। साथ ही बृहस्पतिवार से गुड़ मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय भी लिया है।
बुधवार को व्यापार मंडल मंगलौर के गुड़ व्यापारी अध्यक्ष जुगमिंदर दास सिंघल के नेतृत्व में मंडी परिसर में एकत्रित हुए। सिंघल ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड सरकार की ओर से मंडियों के अंदर नया नियम लागू किया गया है, जिसमें दो रुपये मंडी शुल्क और 50 पैसे विकास सेस लगाया गया है। इससे मंडी के व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। बढ़ाए गए मंडी शुल्क व विकास सेस के कारण व्यापारी गुड़ की खरीद नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों ने निर्णय लिया है कि जब तक सरकार मंडी शुल्क को घटाकर एक फीसदी नहीं करती, गुड़ के कारोबार को ठप रखने के साथ ही मंडी परिसर को भी अनिश्चित काल के लिए बंद रखेंगे।
इस दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष महेंद्र बंसल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है, लेकिन वहां मंडी शुल्क एक फीसदी है। हरियाणा में मंडी शुल्क शून्य है। उत्तराखंड में भाजपा सरकार व्यापारियों का गला घोंटने का काम कर रही है। इसे गुड़ व्यापारी किसी सूरत में बरदाश्त नहीं करेंगे। 30 दिसंबर से मंडी के व्यापारी काम बंद कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। सचिव रजनीश अरोड़ा ने कहा कि बुधवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति के अध्यक्ष, कृषि मंत्री और एसडीएम को ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में रजनीश अरोड़ा, सुधीर बंसल, दिलशाद अंसारी, संजय कुमार, विवेक भाटिया, सचिन मदान शामिल थे।