टिकट आवंटन को लेकर आज देहरादून में होने वाली भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक पर क्षेत्र के दावेदारों की निगाहें टिकी हैं। वहीं, इस बार 20 सिटिंग विधायकों के टिकट कटने की चर्चाओं के चलते ज्यादातर सीटों पर विधायकों समेत दावेदारों के दिल धड़क रहे हैं। ज्यादातर सीटों पर विधायकों और दावेदारों को अपना टिकट पक्का होने का भरोसा नहीं है। इसके चलते सभी जोर आजमाइश में लगे हैं।
रुड़की क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर लक्सर से संजय गुप्ता, खानपुर से कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, झबरेड़ा से देशराज कर्णवाल, रुड़की से प्रदीप बत्रा और ज्वालापुर से सुरेश राठौर भाजपा के सिटिंग विधायक हैं। फिलहाल, सभी सीटों पर सिटिंग विधायकों की ही प्रबल दावेदारी है, लेकिन लंबे समय से राजनीतिक सूत्र इस बात की कयासबाजी को हवा दे रहे हैं कि राज्य में भाजपा कम से कम 20 सिटिंग विधायकों को इस बार टिकट नहीं दे रही है। ऐसे में सिटिंग विधायक भले ही ऊपरी मन से कह रहे हों कि उनके टिकट पक्के हैं, लेकिन अंदरखाने सभी की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। यही नहीं, सिटिंग विधायकों के टिकट काटे जाने की चर्चाओं के बीच ज्यादातर सीटों पर भाजपा के दावेदारों की फौज खड़ी हो गई है।
ये दावेदार इस जुगत में लगे हैं कि यदि सर्वे के आधार पर विधायकों के टिकट कटते हैं तो उन्हें ही टिकट मिले। दूसरी ओर बताया जा रहा है कि कुछ सीटों पर भाजपा के सिटिंग विधायकों की अन्य पार्टियों से भी बातचीत जारी है ताकि टिकट कटने पर अन्य पार्टियों से चुनावी मैदान में उतरा जाए। बताया जा रहा है कि पार्टी स्तर पर ऐसे विधायकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
व्हाट्सएप कॉल दूसरी पार्टियों में सेंधमारी का जरिया
सूत्रों के अनुसार, विभिन्न पार्टियों के नेता पाला बदलने के लिए राज्य समेत दिल्ली के बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। बताया जाता है कि कई नेताओं की फोन कॉल पर भी नजर रखी जा रही है। इसके चलते वे फोन पर बात करने से परहेज कर रहे हैं। बातें रिकॉर्ड न हों, इसके लिए व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है।