फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंद दिनों में 30 हजार उपभोक्ता हो जाएंगे बेबिजली

विज्ञापन
विज्ञापन
गर्मियों की दस्तक के साथ ही किसी भी घर में सबसे जरूरी चीज बिजली होती है लेकिन चंद ही दिनों में शहर के 30 हजार उपभोक्ताओं के घरों में अंधेरा छा जाएगा। ऊर्जा निगम मुख्यालय के आदेश पर अधिकारियों ने बकाया वसूली के लिए सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 10 हजार से ज्यादा बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जाएंगे। ऊर्जा निगम की इस कार्रवाई के पीछे मंशा 31 मार्च से पहले ज्यादा से ज्यादा राजस्व वसूली करना है।
विज्ञापन

रुड़की क्षेत्र में इस समय ऊर्जा निगम के करीब दो लाख 20 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 30 हजार उपभोक्ता ही नियमित बिलों का भुगतान करते हैं जबकि अधिकतर उपभोक्ताओं पर निगम का बकाया चल रहा है। बकायादारों के लिए सरकार ने मार्च में सरचार्ज माफी योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत बिल जमा करवाने के लिए ऊर्जा निगम ने लगातार लोगों से जनसंपर्क किया लेकिन बहुत कम बकायादारों ने ही योजना के तहत बकाया जमा कराया। वहीं अब 31 जनवरी को योजना समाप्त हो रही है जबकि इसके सापेक्ष बहुत कम ही उपभोक्ता बकाया जमा करने में दिलचस्पी ले रहे हैं। निगम को 31 तक ज्यादा से ज्यादा वसूली के लिए टारगेट दिया गया है। ऊर्जा निगम के अधिकारी बकायादारों पर कार्रवाई करने के लिए एक्शन मोड पर आ गए हैं। अब तक क्षेत्र में एक लाख रुपये से ज्यादा बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे थे। अब ऊर्जा निगम मुख्यालय ने सीधे 10 हजार तक के बकायादारों के कनेक्शन काटने के आदेश दे दिए हैं। क्षेत्र में इस समय करीब 30 हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिनपर 10 हजार से ज्यादा बकाया है।
ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता राहुल जैन का कहना है कि मुख्यालय से मिले आदेश के अनुसार सभी अधिकारियों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ज्यादा से ज्यादा बकाया वसूली के लिए अभियान को सख्त किया गया है। पहले दिन ऐसे 40 कनेक्शन काट भी दिए गए हैं। जो भी अब बकाया जमा करता रहेगा उसका कनेक्शन जोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन

कटे कनेक्शनों पर रहेगी विभाग की नजर
अधिकतर उपभोक्ता कनेक्शन कटने के बाद भी इधर-उधर से बिजली का इस्तेमाल करते रहते हैं। ऐसे में अब ऐसे उपभोक्ताओं को चिह्नित किया जाएगा जिनके कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इसके बाद इन लोगों के घरों पर जाकर दोबारा चेकिंग की जाएगी और देखा जाएगा कि ये लोग बिजली का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता राहुल जैन ने बताया कि जिन लोगों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं यदि वे बिजली का इस्तेमाल करते पाए गए तो उनके खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज कर किया जाए।
पड़ोसी को न देना पड़ जाए बकाया
अक्सर कनेक्शन कट जाने के बाद उपभोक्ता अपने पड़ोसी के यहां केवल डालकर बिजली का इस्तेमाल करने लगते हैं। ऊर्जा निगम के अधिकारी जब जांच के लिए जाते हैं तो पड़ोसी ये कह देते हैं कि जो बिजली इस्तेमाल होगी इसका बिल वे जमा करेंगे। यहां ऐसे उपभोक्ताओं को ये बताना जरूरी है कि ऊर्जा निगम में ऐसे मामलों के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। नियम के तहत यदि किसी उपभोक्ता का बकाया नहीं देने पर कनेक्शन काट दिया जाता है और उसका पड़ोसी उसे बिजली इस्तेमाल के लिए दे रहा है तो ऐसे में बकायादार का पूरा बकाया उसके पड़ोसी से ही वसूला जाएगा। पड़ोसी बकाया देने में आनाकानी करता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें