कांग्रेस की ओर से सोमवार देर शाम जारी की गई प्रत्याशियों की सूची के बाद लक्सर और झबरेड़ा में बगावत का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अब तक बगावत अंदरखाने ही है। इन दोनों ही सीटों पर पिछला विधानसभा चुनाव लड़े प्रत्याशियों ने टिकट को लेकर असंतोष जाहिर किया है। झबरेड़ा सीट पर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी ने बुधवार को तो लक्सर सीट पर पूर्व प्रत्याशी ने बृहस्पतिवार को समर्थकों से विचार विमर्श कर फैसला लिए जाने की बात कही है।
गौरतलब है कि कांग्रेस की ओर से सोमवार को घोषणा करते हुए लक्सर सीट पर डॉ. अंतरिक्ष सैनी को प्रत्याशी बनाया गया। झबरेड़ा सीट पर वीरेंद्र सिंह को प्रत्याशी घोषित किया गया है। लक्सर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी डा. अंतरिक्ष सैनी पिछले लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर मैदान में उतरे थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद डॉ. सैनी ने कांग्रेस ज्वाइन की थी। वहीं झबरेड़ा सीट पर मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन के नजदीकी माने जाने वाले वीरेंद्र सिंह को मैदान में उतारा गया है। लक्सर सीट की बात करें तो यहां पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे हाजी तस्लीम मजबूत दावेदारी कर रहे थे। पिछले चुनाव में बसपा के पूर्व विधायक हाजी तस्लीम कांग्रेस के टिकट पर मैदान में थे और कड़े मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी से परास्त हुए थे। इस बार वे फिर से कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे। लक्सर से डॉ. अंतरिक्ष सैनी को कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद मंगलवार को हाजी तस्लीम ने कहा कि वे टिकट की दावेदारी कर रहे थे, अब समर्थकों से सलाह मशविरा कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने के बाबत निर्णय लिया जाएगा। वहीं झबरेड़ा में कांग्रेस ने वीरेंद्र सिंह को टिकट दिया है। यहां कांग्रेस से पिछले दो चुनाव लड़ चुके राजपाल सिंह मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। साथ ही वे लंबे समय से क्षेत्र में चुनाव की तैयारी भी कर रहे थे। उनका टिकट कटने पर राजपाल सिंह ने निराशा जताई है। उनका कहना था कि उन्होंने इस बार भी काफी अच्छी तैयारी कर रखी थी। समर्थकों में भी टिकट नहीं मिलने पर निराशा है। वे समर्थकों से बात कर रहे हैं। इस बाबत बुधवार को निर्णय लिया जाएगा।