क्वाड्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पिटल रुड़की में संस्थापक चौधरी हरचंद सिंह की 122वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। इस दौरान उनके शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए संस्थान के सचिव डॉ. रकम सिंह ने चौधरी हरचंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चौधरी हरचंद सिंह का जन्म 13 जनवरी वर्ष 1900 में बेलड़ा गांव में किसान परिवार में हुआ था। वह हमेशा मानव समाज की सेवा के लिए समर्पित रहते थे और न्याय प्रणाली पर विश्वास रखने वाले थे। हमेशा जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहते थे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनके मानव सेवा के सपने को साकार करने के लिए वर्ष 2010 में चौधरी हरचंद सिंह आत्मा राम एजुकेशन ट्रस्ट की स्थापना की गई। इसके तत्वावधान में चिकित्सा के क्षेत्र में संस्थान की नींव रखी गई। इस मौके पर संस्थान के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में राजीव सिंह, नरेंद्र सिंह, संजय सैनी, आशीष देशवाल, यथार्थ तिवारी, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुजाता, डॉ. प्रीति, डॉ. टीआर पंवार आदि मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान
मदरहुड विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में बृहस्पतिवार को कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर छात्रों ने भाषण, कविता, नृत्य के माध्यम से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और मूल्यों को प्रस्तुत किया। कुलपति प्रो. नरेंद्र शर्मा ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले छात्रों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में डीन एकेडमिक प्रो. वीके सिंह समेत सभी विभागों के विभागाध्यक्ष और शिक्षक उपस्थित रहे। संवाद