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सरकारी जमीन पर निर्माण करने वालों के खिलाफ एफआईआर के आदेश

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औद्योगिक क्षेत्र स्थित नगर निगम की जमीन पर निर्माण कार्य के अवैध होने की पुष्टि के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने दूसरी जांच कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी अवैध कब्जा हटाकर इस बात की जांच करेगी कि निर्माण कराने वाले कौन लोग हैं। उन्होंने तीन दिन के भीतर कब्जा हटाने और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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सलेमपुर राजपुताना औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम की बंजर भूमि पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया था। नगर निगम के अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि एक जनप्रतिनिधि की शह पर कुछ लोग नगर निगम की आड़ में सरकारी भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। बुधवार को नगर निगम टीम ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया था। अगले दिन सलेमपुर के लोगों ने नगर निगम पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। शिकायती पत्र में उन्होंने एक व्यक्ति के सहयोग से कब्जा किए जाने का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ताओं ने बताया था कि एक पार्षद प्रतिनिधि लोगों को भ्रमित कर रहा है कि यह निर्माण नगर निगम की ओर से कराया जा रहा है। उनका कहना था कि इस संबंध में मेयर को भी अवगत कराया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला संज्ञान में आने के बाद नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने अधिशासी अभियंता रचना पायल के नेतृत्व में सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार प्रीतम सिंह और टैक्स इंस्पेक्टर रवींद्र पंवार समेत तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। शुक्रवार को जांच में अवैध निर्माण की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि नगर निगम की भूमि खसरा संख्या 991 पर लगभग ढाई फीट ऊंची ईंटों की नींव भरी गई। जांच रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने अवैध निर्माण ध्वस्त करने और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए फिर से एक टीम का गठन किया है। टीम को तीन दिन के भीतर कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गंभीरता से हो जांच तो जनप्रतिनिधियों पर भी आएगी आंच
सलेमपुर राजपुताना में कब्जाई जा रही नगर निगम की करोड़ों की जमीन के पीछे कौन लोग शामिल थे, इसकी गंभीरता से जांच हुई तो कई जनप्रतिनिधि भी लपेटे में आ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की आड़ में इस जमीन पर दुकानें बनाकर दिए जाने के एवज में मोटा सौदा भी तय हो गया था, लेकिन अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने पर जांच हुई तो भंडाफोड़ हो गया।
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सरकारी जमीन पर निर्माण कर कब्जा करने का मामला गंभीर है। ध्वस्तीकरण के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही आरोपियों को चिह्नत कर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। जल्द ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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-नूपुर वर्मा, नगर आयुक्त
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