रुड़की। रामनगर की गली नंबर चार में स्थित गुरुद्वारे में स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने माताओें का दूध नवजात शिशुओं के लिए सुरक्षा कवच बताया। कहा कि कम से कम छह महीने तक नवजात को स्तनपान कराना चाहिए।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में बाल विकास अधिकारी संदीप अरोड़ा ने सभी आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को स्तनपान करने के लिए महिलाओं को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ने की आशंका है। कहा कि जो माताएं बच्चों को भरपूर स्तनपान कराती हैं, उन्हें बच्चों की चिंता करने की जरूरत नहीं है। मां का दूध बच्चे को रोगों से लड़ने की ताकत देता है। मां का दूध कोरोना ही नहीं, बल्कि कई अन्य संक्रामक बीमारियों से भी बच्चे को पूरी तरह से महफूज रखता है, इसलिए स्तनपान के फायदे को जानना हर महिला के लिए जरूरी है। इसके प्रति जागरूकता के लिए हर साल एक से सात अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। बताया कि स्तनपान को बढ़ावा देकर शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। इस मौके पर सुपरवाइजर दीपा भंडारी व आंचल के अलावा निशा शर्मा, कल्पना शर्मा, टीना भारद्वाज, मंजू शर्मा, रश्मि सेतिया, नीरू, परमजीत कौर, रजनी अरोड़ा, सुनीता गुलाटी, प्रेरणा और उर्मिला आदि आंगनबाड़ी और सहायिकाएं शामिल रहीं।