रुड़की। शहर से देहात तक शिक्षण संस्थाओं और सामाजिक संगठनों में हिंदी दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में सभी वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वक्ताओं ने हिंदी भाषा को संस्कृति से जुड़ी भाषा बताया और इसे राष्ट्रभाषा का दर्जा दिलाए जाने की मांग की है। इस मौके पर वक्ताओं ने अंग्रेजी को छोड़कर हिंदी अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मंगलवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के राजभाषा प्रकोष्ठ की ओर से हिंदी दिवस समारोह मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली के अध्यक्ष पद्मश्री राम बहादुर राय रहे। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषी क्षेत्र के लोगों के पसीने और मेहनत से इस संस्थान का निर्माण हुआ है, इसलिए हिंदी भाषा के संरक्षण व संवर्धन के प्रति इस संस्थान की भूमिका स्वत ही बढ़ जाती है। आईआईटी रुड़की के निदेशक आचार्य अजित के चतुर्वेदी ने कहा कि हिंदी भाषा की पहुंच अधिकतम लोगों तक बनाने के लिए हमें अपनी आंचलिक, क्षेत्रीय भाषाओं के साथ-साथ स्थानीय बोली को भी बढ़ावा देना होगा। कुलसचिव प्रशांत गर्ग ने इस वर्ष के राजभाषा पुरस्कारों की घोषणा की। कार्यक्रम में आईआईटी की ओर से प्रकाशित पत्रिका ‘मंथन’ के नवीनतम अंक का विमोचन किया।
वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान में हिंदी सप्ताह समापन समारोह में मुख्य अतिथि देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंडया ने कहा कि हिंदी समूचे राष्ट्र कि नहीं, बल्कि पूरे विश्व की सबसे सरल भाषा है। उन्होंने हिंदी भाषा को सभी सरकारी तथा गैर सरकारी कार्यों में उपयोग के साथ-साथ उसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। संस्थान के निदेशक डॉ. जयवीर त्यागी ने कहा कि वर्ष 1975 में राजभाषा विभाग की स्थापना की गई थी। इस दौरान संस्थान के हिंदी राजभाषा के प्रभारी डॉ. मनोहर अरोड़ा, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, दौलत राम व डॉ. आरडी सिंह आदि मौजूद रहे। श्री मारवाड़ कन्या पाठशाला इंटर कालेज में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें जूनियर वर्ग में मंतसा प्रथम, स्वीटी द्वितीय व नाजिया तीसरे स्थान पर रही। सीनियर वर्ग में इति प्रथम, सानिया द्वितीय व हिमानी तृतीय स्थान पर रही। प्रधानाचार्य भारती अग्रवाल, अनु शर्मा, निधि शर्मा, नीरजा आदि मौजूद रहे।
छात्राओं ने लिया प्रतियोगिता में भाग
रुड़की। मेथाडिस्ट गर्ल्स पीजी कॉलेज के प्रांगण में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपमा वर्मा के नेतृत्व में हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की मैनेजर जे सिंह एवं प्राचार्य डॉ. अमिता श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में स्वरचित कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अक्षि गौड़, द्वितीय विदुषी त्यागी और तृतीय साक्षी जैन ने प्राप्त किया। वहीं एसडी डिग्री कॉलेज रुड़की में हिंदी दिवस समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्चना मिश्रा व कार्यक्रम के मुख्य मुख्य अतिथि महाविद्यालय प्रबंधन समिति के कोषाध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा ने किया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजिका डॉ. सीमा राय, डॉ अंजू शर्मा, डॉ. किरण बाला व डॉ. अर्चना चौहान मौजूद रहे। रामपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में चल रहे जीजीआईसी में भी हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें प्रधानाचार्या सुदेश मेहर, सीमा और कविता शर्मा ने हिंदी दिवस पर प्रकाश डाला। संवाद
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हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करें
नारसन। मंगलवार को कस्बे में स्थित राजा महेंद्र प्रताप विद्यालय में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत हिंदी दिवस पर एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक समिति के संयोजक डॉ. सर्वेंद्र सिंह ने किया। महाविद्यालय प्राचार्य ने सभी को संबोधित करते हुए विभिन्न महापुरुषों से संबंधित जानकारियां साझा की। शिक्षिका अंजू चौहान ने हिंदी दिवस पर विचार व्यक्त किए। वहीं विद्या विकासिनी इंटर कॉलेज में हिंदी दिवस मनाया गया। कक्षा नौ की छात्रा कात्यानी और कक्षा 10 की छात्रा बानी ने हिंदी का प्रयोग अधिक से अधिक करने को कहा। कार्यक्रम का संचालन पल्लवी गोयल ने किया। इस मौके पर प्रधानाचार्य डॉ. दीपक सालार, विजय कुमार, अनीता और नीतीश आदि मौजूद रहे। संवाद
विश्व में हिंदी से भारत की पहचान
लक्सर/खानपुर। मंगलवार को रायसी के हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज में हिंदी दिवस पर गूगल मीट आयोजित कर ‘हिंदी का भविष्य और भविष्य की हिंदी’ शीर्षक पर विचार व्यक्त किए। प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह ने कहा कि विश्व में हिंदी ही हमारी पहचान है, इसलिए हमें ज्यादा से ज्यादा हिंदी का प्रयोग करना चाहिए। इस मौके पर सचिव डॉ. हर्ष कुमार दौलत, डॉ. वंदना नौटियाल और डॉ. निशा पाल आदि प्राध्यापकों का सराहनीय योगदान रहा। संवाद
हिंदी का सम्मान बनाए रखना सबका कर्तव्य
रुड़की। आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में हिंदी दिवस पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में आशु भाषण, दोहा-चौपाई वाचन, वाद-विवाद, निबंध लेखन, श्रुत लेख, काव्य पाठ, चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह, उप प्रधानाचार्य मोहन सिंह मटियानी, उप-प्रधानाचार्य प्रशासन कलीराम भट्ट ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. योगेंद्रनाथ शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है और इसका सम्मान बनाए रखना हम सब भारतवासियों का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आज अंग्रेजी का बोलबाला है। अंग्रेजी को छोड़कर हिंदी को आकार और सम्मान देना चाहिए। संवाद
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हिंदी को बढ़ावा देने की जरूरत
भगवानपुर। कस्बे में बीडी इंटर कॉलेज में हिंदी दिवस मनाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय गर्ग ने कहा कि विविध भाषाओं वाले देश में भी हिंदी ने अपना एक विशिष्ट मुकाम बनाया है। वर्तमान में हिंदी को बढ़ावा देने की जरूरत है। हिंदी भाषा की शिक्षिका कल्पना सैनी ने कहा कि देश को आजाद कराने में जिन नारों एवं उद्घोषों का प्रयोग हुआ, वे सभी हिंदी में लिखे गए एवं बोले गए। इस अवसर पर चित्रकला प्रदर्शनी में छात्रा भूमि, जिया, मधु, मानसी और राधिका आदि ने प्रतिभाग किया। संवाद
बीएड की छात्राओं ने लगाई प्रदर्शनी
रुड़की। मैथोडिस्ट गर्ल्स बीएड कॉलेज में छात्राओं की ओर से आर्ट एंड क्राफ्ट की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें बीएड की चतुर्थ श्रेणी की सेमेस्टर में शामिल छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में छात्राओं को बताया गया कि एक अध्यापक किस किस तरह से छात्रों का शैक्षिक स्तर बढ़ा सकता है। प्रदर्शनी का शुभारंभ कॉलेज निदेशिका मिस जे सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी छात्राओं के पाठ्यक्रम का हिस्सा है। संवाद