मंगलौर। आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्त एएनएम को बिना बताए नौकरी से हटा दिया गया। इससे नाराज एएनएम ने प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। साथ ही दोबारा नौकरी पर रखने की मांग की।
मंगलवार को मंगलौर की एएनएम सीएचसी पर एकत्रित हुईं। यहां पर उन्होंने कहा कि कोरोना काल में एएनएम ने स्वास्थ्य विभाग में अपना शत प्रतिशत योगदान दिया है, लेकिन सरकार की ओर से कोरोना का पीक समाप्त होने पर उन्हें नजरअंदाज करते हुए नौकरी से निकाल दिया गया। आरोप लगाया कि जिस समय उन्हें आउट सोर्स के माध्यम से संविदा पर रखा गया था, उस समय उन्हें 12500 रुपये वेतन बताया गया था, जबकि उन्हें कुल 7600 ही मिल पाए हैं। इसमें से भी एक वर्ष में सिर्फ 10 महीने का वेतन ही मिला है। कहा कि उन्हें फिर से नौकरी पर बुलाया जाए और जब तक उनकी नियुक्ति नहीं होती है, स्वास्थ्य विभाग में किसी की भी भर्ती नहीं की जाए। इसके बाद एएनएम ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्षा बालियान, नीलम, पूजा, कोमल, जूली, मेनका, रेखा, शीला, मीनू, मनीषा, पूजा सैनी और शालू आदि मौजूद रहीं।