ब्यूरो/अमर उजाला, भगवानपुर
ब्लॉक परिसर में बीडीसी की बैठक में जिलाधिकारी दीपक रावत ने खंड शिक्षाधिकारी, उप शिक्षाधिकारी और जल निगम के एई को फटकार लगाते हुए वेतन पर रोक लगा दी है। बैठक में पेयजल, परिवहन, पीडब्लूडी, सिंचाई, राशन कार्ड और शिक्षा विभाग से संबंधित शिकायतें की गईं। डीएम ने संबंधित विभागों को जल्द निस्तारण करने के आदेश दिए।
बृहस्पतिवार को भगवानपुर के ब्लॉक परिसर में बीडीसी बैठक हुई, जिसमें अधिकारियों के साथ ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य मौजूद रहे। एक बीडीसी सदस्य ने सिंचाई के लिए खेत में पाइप लाइन डालने और हैंडपंप की मरम्मत कराने की मांग की। इसके बाद पुल निर्माण, रोडवेज बस घाड़ क्षेत्र में चलाने आदि की समस्याएं भी बताई गईं। इस पर डीएम ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के आदेश दिए। डीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से छात्रवृति फार्म की जानकारी मांगी, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी और उप शिक्षाधिकारी कोई जानकारी नहीं दे सके। इस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए खंड शिक्षा अधिकारी भिक्कम सिंह और उप शिक्षाधिकारी कुंदन सिंह के वेतन रोकने के आदेश दिए। जल निगम के एई भी शिकायत रजिस्टर को लेकर जवाब नहीं दे सके। डीएम ने एई के भी वेतन रोकने के आदेश दिए। डीएम दीपक रावत ने तीनों अधिकारियों के वेतन रोकने की जानकारी दी है। बैठक में जिला विकास अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह चौहान, डीपीआरओ रमेश चंद त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी सतेंद्र कुमार धामा, सीएमओ प्रेम लाल, अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी एसएस बर्थवाल, समाज कल्याण अधिकारी भगवानपुर सोमप्रकाश, तहसीलदार आशीष घिल्डियाल, खाद्य आपूर्ति अधिकारी टीएन शर्मा, विधायक ममता राकेश, ब्लॉक प्रमुख उषा अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य सुबोध राकेश आदि मौजूद रहे।
पुलिया का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम
पीडब्लूडी के अधिकारियों ने शिकायत की कि हसनपुर मदनपुर गांव के पास एक पुलिया का निर्माण किया गया था। इस पर एनएच के डंपर चलते है, जिनका वजन 30 टन से अधिक है, लेकिन इस पुलिया की क्षमता मात्र 18 टन है। कभी भी दुर्घटना हो सकती है। डीएम ने मौके पर जाकर पीडब्लूडी के अधिकारियों को कहा कि इसकी लिखित शिकायत पुलिस से की जाए। कहा एक चेतावनी बोर्ड भी पुलिया के पास लगाया जाए।
15 को दिखाया बैठक से बाहर का रास्ता
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि वह लोग बैठक से बाहर चले जाएं, जो अपनी पत्नियों के स्थान पर बैठक में पहुंचे है। यदि बाद में ऐसा कोई व्यक्ति बैठक में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस पर करीब 15 लोग बाहर चले गए।