फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजना को धरातल पर उतरने लगे कदम

विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की। लंबे इंतजार के बाद अब शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के कदम धरातल पर उतरते दिखाई देने लगे हैं। शासन ने 37 में से 30 आवेदकों को अपना आशियाना बनाने के लिए पहली किश्त के रूप में 18 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। इसके तहत आवेदक को 30 वर्ग फीट में घर बनाने के लिए दो लाख रुपये अनुदान मिलेगा।
विज्ञापन

करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आशियाने से वंचित लोगों को विभिन्न स्कीमों के तहत फार्म भरवाए थे। तब से अब तक राशि न मिलने से लोगों में निराशा थी, लेकिन अब पहली किश्त जारी होने के बाद उम्मीद की किरण जग गई है। पहली किश्त के रूप में जारी 18 लाख रुपये 30 आवेदनकर्ताओं को दिए जाएंगे। जब यह लोग किश्त मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर देंगे तो निरीक्षण के बाद परियोजना विभाग अगली किश्त की मांग करेगा।
नगर परियोजना प्रबंधक वरुण मल्होत्रा ने बताया कि 37 लोगों की डीपीआर शासन को भेजी थी। इनमें से सात लोगों ने नगर निगम पहुंचकर सत्यापन नहीं करवाया था। इस पर शासन ने 30 लोगों का अनुदान स्वीकृत किया और अनुदान राशि की किश्त भी जारी कर दी। अब लाभार्थी को भूमि के मालिकाना हक का प्रमाण पत्र दिखाना होगा। इसके बाद अनुदान राशि लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि 30 लाभार्थियों को चार किश्तों के रूप में शासन करीब 42 लाख रुपये और जारी करेगा।
विज्ञापन

नहीं लौटानी होगी अनुदान राशि
‘लाभार्थी आधारित नव निर्माण’ स्कीम के तहत केवल उन्हीं लोगों को लाभ मिलना था जिनके पास अपना प्लॉट या भूमि थी, लेकिन आशियाना बनाने के लिए पैसा नहीं था। इस स्कीम के तहत सरकार प्रत्येक लाभार्थी को दो-दो लाख रुपये अनुदान देगी। इस स्कीम के तहत डेढ़ लाख रुपये केंद्र और 50 हजार रुपये राज्य सरकार देगी। नगर परियोजना प्रबंधक वरुण मल्होत्रा ने बताया कि यह अनुदान राशि लाभार्थी को लौटानी नहीं होगी।
740 लोगों को भी मिलेेगा लाभ
रुड़की। पुराने भवन में नए निर्माण करने के लिए सरकार की ओर से दो लाख रुपये की अनुदान राशि दी जानी है। इसके लिए नगर निगम में 740 लोगों ने आवेदन किया था। इन आवेदनों को स्वीकृति दिलाने के लिए अभी तक सत्यापन का काम शुरू नहीं हो पाया था, लेकिन अब मुख्य नगर आयुक्त अशोक पांडेय ने अवर अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता को शामिल करते हुए कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी आवेदनकर्ताओं के पुराने भवनों का निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट देगी। स्कीम के तहत पुराने भवन को तीस वर्ग मीटर तक विस्तारित किया जा सकता है। इसके लिए भी लाभार्थी को दो लाख रुपये बतौर अनुदान दिए जाएंगे।
5000 फ्लैट के लिए डीपीआर तैयार कर रहा एचआरडीए
-नगर परियोजना प्रबंधक वरुण मल्होत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5000 लोगों ने फ्लैट के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि फ्लैट बनाने के लिए हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण से डीपीआर तैयार कराई जा रही है। जल्द ही डीपीआर तैयार होने की उम्मीद है। डीपीआर को शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। यह फ्लैट उन लोगों को दिए जाएंगे जिनके पास न घर है और न जमीन है। ऐसे लोग जो किराए के मकान में रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें