ऋषिकेश। शहर और उससे लगे क्षेत्र में यातायात नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है। कहीं बिना ब्रेक लाइट, बिना रेडियम टेप लगे ऑटो विक्रम फर्राटा भर रहे हैं तो कहीं ऑटो विक्रम बीच रोड में ही सवारी भर रहे हैं। कहीं बिना हेटलाइट के रात में ऑटो विक्रम चल रहे हैं। इधर, मोडिफाई की गई बुलेटों का शोर और इन पर लगे प्रेशर हार्न के कारण जनता भी परेशान हो रही है।
ऋषिकेश शहर और आसपास के क्षेत्रों में जितने भी ऑटो और विक्रम संचालित हो रहे हैं, उनमें से अधिकांश ऑटो विक्रम सुरक्षा का पालन नहीं करते हैं। अधिकांश विक्रम ऐसे हैं, जिनकी न तो ब्रेक लाइट जलती है और न ही सुरक्षा को लेकर रेडियम की टेप लगाई जाती है। रात के समय कई बार अन्य वाहन सवार ऑटो विक्रम के टकराकर चोटिल हो चुके हैं। नेपाली फार्म से छिद्दरवाला के मध्य इस प्रकार की घटनाओं में कई विक्रम चालक अपनी जान से हाथ धो चुके हैं। पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक न किए जाने से न तो चालक और न ही विक्रम स्वामी सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं।
बीच सड़क पर ही बिठाई जा रही सवारी, रेट लिस्ट भी गायब
यातायात नियमों के अनुसार कोई वाहन बीच सड़क पर सवारी नहीं बिठा सकता, लेकिन रायवाला से तपोवन, नेपाली फार्म से डोईवाला के मध्य संचालित हो रहे विक्रम चालक सवारी को देखकर बीच सड़क में ही ब्रेक मार देते हैं। विक्रम ऑटो की ब्रेक लाइट न होने से पीछे आ रहा वाहन भी अनियंत्रित हो जाता है। इस प्रकार सवारी बिठाने को लेकर पूर्व में झगड़े भी हो चुके हैं, लेकिन विक्रम यूनियनें और पुलिस भी चालकों को रोड से बाहर सवारी बिठाने को लेकर जागरूक नहीं करते।
पटाखा बुलेटों पर कार्रवाई को गंभीर नहीं पुलिस और परिवहन विभाग
मोडिफाई बुलेट और रेट्रो साइलेंसर के कारण शहर की हर गली के लोग परेशान हैं। दिन हो तो या रात किसी भी समय गलियों में धांय धांय और तेज प्रेशर हार्न की आवाज सुनाई देती है। इन आवाजों के कारण बुजुर्ग और मासूम बच्चों को परेशानी होती है। पटाखा बुलेटों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए वरिष्ठ नागरिक संगठन डीजीपी के नाम पुलिस को ज्ञापन भी दे चुके हैं, लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर संयुक्त कार्रवाई नहीं करते। ऐसे में शहर में दिनोंदिन इस प्रकार के बुलेटों की संख्या बढ़ रही है।
एआरटीओ प्रवर्तन ने स्वयंसेवी संस्थाओं से की अपील
एआरटीओ प्रवर्तन पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि सड़क सुरक्षा का पालन सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि शहर की समाजसेवी संस्थाएं परिवहन विभाग का साथ दें तो रात के समय होने वाली अधिकांश दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी से परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा। इस दौरान सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर और रेडियम टेप लगाए जाएंगे।
यहां कर सकते हैं शिकायत
यातायात निदेशालय की ओर से उत्तराखंड ट्रैफिक आईएप तैयार किया गया है। कोई भी व्यक्ति इस एप को डाउनलोड करके मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न सड़क सुरक्षा को लेकर अन्य शिकायतें एप पर दर्ज कर सकता है।
कोट
कोविड के कारण वाहनों की चेकिंग पर कम फोकस था। अब पटाखा बुलेटों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विक्रम चालकों को सड़क सुरक्षा को लेकर अपने वाहनों पर रेडियम टेप रिफ्लेक्टर लगवाने चाहिए। 18 जनवरी से पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। - पंकज श्रीवास्तव, एआरटीओ प्रवर्तन
कोट
मकर संक्रांति पर्व पर पुलिस के व्यस्त होने के चलते अभियान नहीं चलाया जा सका था। शनिवार से ही पटाखा बुलेट के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा ऑटो-विक्रम पर रेडियम लगवाने के लिए यूनियन के पदाधिकारियों से वार्ता की जाएगा।
- राजेंद्र कुमार, यातायात निरीक्षक