10 एम्स के आउटरीन टेली हेल्थ कंसल्टेशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित स्वास्थ्य कैंप।
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कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) विजय सारस्वत ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान(एम्स) के पूर्व निदेशक के कार्यालय में आउटसोर्स के माध्यम से हुई भर्तियों और दवाइयों की खरीद फरोख्त की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से इस केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को ज्ञापन भेजा जाएगा। उसके बाद कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस कार्यकर्ता एम्स के गेट पर धरना देंगे।
हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में विजय सारस्वत ने कहा कि एम्स के तत्कालीन निदेशक प्रो.रविकांत के कार्यकाल में एम्स में आउटसोर्स के माध्यम हो हुई भर्ती में भी बड़ा घोटाला हुआ। आउटसोर्स के माध्यम से युवाओं को 11 महीने के अनुबंध पर एम्स में भर्ती किया गया। उसे आठ हजार रुपये प्रतिमाह दिए गए। नौकरी लगाने से पहले 50 हजार रुपये नकद लिए गए। उत्तराखंड के जिन युवाओं को एम्स के स्थाई नौकरी मिलनी थी उन्हें आउससोर्स पर लगाया गया। यदि कोई युवा एम्स में नौकरी मिलने के बाद यदि वह अपनी नौकरी दूसरे सेक्शन में करना चाहता है तो उससे तक पैसे लिए जाते रहे। करीब एक हजार युवाओं को आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी दी गई। उन्होंने कहा कि दवाइयां खरीदने के लिए दौरान कई घोटाला हुए। कई फर्जी लगाए गए हैं। देहरादून के कौलागढ़ से पानी के जहाज द्वारा एम्स ऋषिकेश तक सामान पहुंचाना दिखाया गया। स्कूटी और एल्टो कार से लाखों रुपये की दवाइयां एम्स लाई गई। दिल्ली की एक फर्म ने अपने नाम बदल कर कई बार एम्स में करीब 45 से 50 करोड़ रुपये की दवाइयों की आपूर्ति की। दवाइयां 2021 में खरीदी गई, बिल पर हस्ताक्षर 2020 में ही कर दिए गए। उन्होंने कहा कि पूर्व निदेशक के कार्यालय की जांच के लिए वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग करेंगे। यदि 15 दिन के अंदर कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस कार्यकर्ता एम्स के गेट पर धरना देंगे।
प्रेसवार्ता में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव शैलेंद्र बिष्ट, महानगर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर राय, मदन गोपाल नागपाल, डॉ.केएस राणा, पार्षद राकेश सिंह, मनीष शर्मा आदि उपस्थित थे।