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Rishikesh News: पासबुक में 42.80 लाख, बैंक खाते में मिले 30.63 लाख, आरोपी की जमानत खारिज

Fri, 30 Oct 2026 07:23 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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-78 खातों की जांच में सामने आया अंतर, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ऋषिकेश ने आर्थिक अपराध को माना गंभीर
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ऋषिकेश। उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक की डेली डिपॉजिट स्कीम के तहत खाताधारकों से जमा कराई गई रकम में कथित गड़बड़ी के मामले में आरोपी दीपक बढ़ई को न्यायालय से राहत नहीं मिली है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिंदर सिंह की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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आरोपी दीपक बढ़ई निवासी गोपेश्वर मंदिर मार्ग चंद्रेश्वर नगर बीते 10 सितंबर से न्यायिक अभिरक्षा में जिलाकारागार में बंद है। आरोपी ने जमानत के लिए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कंवर अमनिन्नदर सिंह की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर किया था। जमानत पर बहस के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक में डेली डिपॉजिट स्कीम के एजेंट के रूप में कार्यरत था। उसका काम कम आय वर्ग के लोगों के बैंक खाते खुलवाना और उनसे प्रतिदिन प्राप्त होने वाली धनराशि संबंधित खातों में जमा कराना था। इसके लिए बैंक की ओर से उसे कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) से जुड़ी मशीन भी उपलब्ध कराई गई थी। बैंक अधिकारियों की जांच में 78 खातों में जमा धनराशि को लेकर गड़बड़ी सामने आई थी। खाताधारकों की पासबुक में कुल 42 लाख 80 हजार रुपये जमा दर्शाए गए थे, जबकि बैंक के सीबीएस रिकॉर्ड के अनुसार केवल 30 लाख 63 हजार 242 रुपये ही जमा किए गए थे। इस प्रकार दोनों के बीच 12 लाख 31 हजार 458 रुपये का अंतर पाया गया। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और उसने कोई अपराध नहीं किया है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद कहा कि यह मामला केवल बैंक की लेखा संबंधी गड़बड़ी का नहीं, बल्कि खाताधारकों के विश्वास के साथ धोखाधड़ी का भी है। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी दीपक बढ़ई की जमानत याचिका निरस्त कर दी।
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