रेल परियोजना निर्माण में लगी कंपनी रेल विकास निगम के तपोवन क्षेत्र में बिजली का कनेक्शन लेने और क्षेत्र में वीकेंड पर बिजली की खपत बढ़ने का खामियाजा ऋषिकेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ऋषिकेश में लाइनों में फाल्ट आने की स्थिति में मुनिकीरेती की लाइन शहर से नहीं जोड़ी जा सकती है। क्योंकि अतिरिक्त लोड बढ़ते इस लाइन से जुड़े क्षेत्रों में भी अंधेरा छा जाएगा।
ऋषिकेश (शैल विहार) बिजलीघर से देहरादून रोड, आदर्शग्राम, आईएसबीटी, राजकीय अस्पताल, रेलवे रोड, टेेलीफोन एक्सचेंज, ढालवाला आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। इस बिजलीघर से पास से मुनिकीरेती के लिए जाने वाली 33केवी की लाइन भी गुजरती हैं। ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी अरविंद नेगी ने बताया कि आज से आठ साल पहले ऋषिकेश क्षेत्र में बिजली की लाइन में किसी भी तरह का फाल्ट आने या तार टूटने की स्थिति में वैकल्पिक इंतजाम के तहत मुनिकीरेती जाने वाली लाइन से जोड़कर बिजली बहाल कर दी जाती थी। अब ऐसा नहीं हो सकता है, क्योंकि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण में आरवीएनएल की ओर से एक-एक हजार केवीए के सात कनेक्शन लेने से मुनिकीरेती की लाइन पर लोड बढ़ गया है। तपोवन में बहुत से होटलों और रेस्टोरेंट के खुलने से वहां बिजली की खपत होती है। ऐसे में पहले से अतिरिक्त लोड झेल रही(मुनिकीरेती) 33 केवी की लाइन से शैल विहार बिजलीघर नहीं जोड़ा जा सकता।
नगर निगम फीडर में भी नहीं वैकल्पिक इंतजाम
नगर निगम बिजलीघर से त्रिवेणीघाट, रेलवे रोड आधा, सर्वहारा नगर, गंगानगर, हरिद्वार रोड आदि क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। यहां पर भी 33 केवी की अतिरिक्त लाइन न होने से यहां फाल्ट आने की स्थिति में वैकल्पिक इंतजाम नहीं हो पाते। ऐसे में की प्रकार के फाल्ट, मरम्मत के दौरान लोगों को बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है।