ऋषिकेश। एम्स में देश के 35 ऑक्सीजन प्लांट के लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 20 वर्षों की यात्रा महान संकल्पों का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेवा कार्य के नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड विकास पथ पर तेजी के साथ बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान प्रधानमंत्री ने एक नेता और प्रशासक की भांति ही नहीं बल्कि हमारे अभिभावक की भांति हमारा हाथ थामे रखा। इस मुश्किल समय में प्रधानमंत्री ने पूरे देश को हौसला दिया। पूरा विश्व इस बात का साक्षी है कि जिस देश को लेकर विशेषज्ञ तरह-तरह की आशंका जता रहे थे उस देश ने सिर्फ कोरोना का डटकर सामना किया बल्कि वैक्सीन बनाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को सैन्यधाम की संज्ञा भी दी है। उत्तराखंड की इस भूमि से प्रधानमंत्री का विशेष स्नेह किसी से छुपा नहीं है। केदारनाथ की त्रासदी के समय प्रधानमंत्री गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री थे, तब भी वह उत्तराखंड की जनता के साथ खड़े थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से प्राप्त हो रहे मार्गदर्शन और सहयोग से प्रेरणा लेते हुए उत्तराखण्ड में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं।
मुख्यमंत्री ने दिया विकास कार्यों का ब्यौरा
- केदारपुरी में जहां प्रथम चरण के 225 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं वहीं 184 करोड़ के कार्य द्वितीय चरण में गतिमान है
- बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान के लिए 245 करोड़ रूपये से अधिक स्वीकृत हो चुके हैं।
- गंगोत्री और यमनोत्री के लिए 20 करोड़ व 34 करोड़ रूपये स्वीकृत हो चुके हैं।
- चार दशकों से लंबित तराई- भाबर की लाइफ लाइन जमरानी बहुउद्देशीय परियोजना की स्वीकृति दी है
- प्रदेश में 27 हेलीपोर्ट विकसित करने के साथ-साथ उड़ान योजना और सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजनाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- टिहरी झील के डेवलेपमेण्ट के लिए 1200 करोड़ रुपये की स्वीकृति
- समेकित सहकारी विकास योजनाओं के लिये 3340 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो
96 फीसदी को लगी वैक्सीन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया प्रदेश में अब तक 96 प्रतिशत वैक्सीनेशन का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि मार्च 2020 से पूर्व उत्तराखण्ड में केवल एक ऑक्सीजन प्लांट राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर (गढ़वाल) में संचालित हो रहा था। जबकि अब 87 ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट उपलब्ध हो चुके है। जिनमें से 25 ऑक्सीजन प्लांट चालू हो गए हैं।