संजय झील का निरीक्षण करती मेयर अनिता ममगाईं
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नमामि गंगे की टीम के साथ नगर निगम मेयर अनिता ममगाई ने संजय झील का स्थलीय निरीक्षण कर रंभा नदी के उद्गम स्थल का अवलोकन किया। वर्षों से लटके हुए संजय झील के निर्माण कार्य को लेकर निगम प्रशासन एक बार फिर दौड़-धूप करता दिख रहा है। बुधवार को मेयर के नेतृत्व में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी संजय झील के उद्गम का निरीक्षण किया।
मेयर ने बताया कि पिछले कई वर्षों से संजय झील का मामला सिर्फ फाइलों तक ही सिमटा हुआ है। संजय झील उनके चुनावी घोषणा पत्र के 17वें बिंदु में शामिल रहा है। नगर निगम की कमान संभालने के बाद उनका संकल्प था कि संजय झील का बेहद खूबसूरती के साथ निर्माण कराकर इसे पर्यटन के रूप में विकसित किया जाए।
इसको लेकर उनके द्वारा हर आवश्यक कार्रवाई की गई। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर संजय झील के क्षेत्र को योग, ध्यान और आध्यात्म के रूप में विकसित कराया जाएगा। जहां देश-विदेश के पर्यटक बेहद शांत वातावरण में योग के साथ मेडिटेशन भी कर सकेंगे। मेयर ने बताया कि संजय झील के निर्माण कार्य के लिए नमामि गंगे की टीम द्वारा डीपीआर बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी, जिसका फंड रीलिज होते ही संजय झील के सपने को साकार करने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया विगत सप्ताह प्रधानमंत्री के वर्चुअल कार्यक्रम को लेकर तीर्थनगरी पहुंचे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन भारत सरकार के एडिशनल सेक्रेटरी ओपी शर्मा को संस्थान के महानिदेशक के लिए महापौर द्वारा ज्ञापन सौंपा गया था।
इसके अलावा वन विभाग सिंचाई विभाग एवं नमामि गंगे के अधिकारियों के साथ लगातार नगर निगम प्रशासन कागजी कार्रवाई में लगा हुआ था। इस दौरान नमामि गंगे से पीयूष कुमार सिंह व उनकी टीम, वन विभाग से रामपाल वन दरोगा, सहायक अभियंता आंनद मिश्रवान, पार्षद राधा रमोला, राजीव राणा आदि शामिल रहे।