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शीतलहर में अलाव ही बना लोगों का सहारा

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ऋषिकेश। तीर्थनगरी शीतलहर की चपेट में आ गई है। अब ठिठुरन भरी ठंड में अलाव ही लोगों का एकमात्र सहारा है, लेकिन नगर निकायों की ओर से आधी अधूरी तैयारियों से लोग परेशान हैं। नगर निगम ऋषिकेश के 40 वार्डों में से मात्र छह जगह ही अलाव जलाए जा रहे हैं।
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शनिवार को पारा लुढ़ककर तीन डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे धर्मनगरी में ठंड बढ़ गई है। नगर निगम ऋषिकेेश के 40 वार्डों में से अभी मात्र छह जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। अभी आईएसबीटी, इंद्रमणि बडोनी चौक, पुराना टिहरी बस अड्डा, चंद्रभागा पुल तिराहा, केवलानंद चौक, पुराना रेलवे स्टेशन में अलाव जलाया जा रहा है। नगर निगम की ओर से लकड़ी का वर्क आर्डर जारी करने की जगह हर रोज फुटकर में ही लकड़ी खरीदी जा रही है। इससे शहर की जनता को पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं नगर पालिका मुनिकीरेती में छह जगह रामझूला पार्किंग, कुंभ मेला पार्किंग, शिवानंद, रामझूला, आस्था पथ पर अलाव जलाए जा रहे हैं। ईओ मुनिकीरेती बीपी भट्ट ने बताया कि एक स्थान पर एक दिन में 30 किलोग्राम लकड़ी डाली जा रही है। उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। यदि कहीं से मांग आती है तो वहां भी अलाव जलाया जाएगा। नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक की अधिशासी अधिकारी मंजू चौहान ने बताया कि अभी वर्क आर्डर से 10 क्विंटल लकड़ी खरीदी गई है। ज्यादा लकड़ी खरीदने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि छह जगहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। इनमें से लक्ष्मणझूला, लक्ष्मणझूला बाजार, वानप्रस्थ आश्रम आदि हैं।
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इनसेट
बढ़ती ठंड को देखते हुए अलाव जलाने की मांग
डोईवाला। अखिल भारतीय किसान सभा की बैठक में नगर पालिका प्रशासन से बढ़ती शीत को देखते हुए नगर के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की मांग की गई। कहा कि प्रशासन को ऐसी व्यवस्थाएं समय पर करनी चाहिए। किसान सभा के जिलाध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सर्दी में बढ़ोतरी हो रही है। शीतलहर चलने से लोग ठंड से परेशान हैं। जिला संयुक्त सचिव याकूब अली ने कहा कि यदि जल्द अलाव की व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में जाहिद अंजुम, शमशाद अली, साधूराम और महताब अली आदि मौजूद थे। संवाद
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फोटो-
राफ्टिंग के कारोबार पर शीतलहर की साया
वीकेंड पर रीवर राफ्टिंग से पर्यटकों ने बनाई दूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। मौसम के करवट बदलने से तीर्थनगरी के तापमान में गिरावट आ गई। शीतलहर और हवा के ठंडे झोकों ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। बढ़ती ठंड के कारण पर्यटक स्थलों पर सैलानियों की चहलकदमी भी कम दिखाई दी। साहसिक खेलों के शौकीनों ने भी ठंड के कारण राफ्टिंग से दूरी बना ली है। सुबह से लेकर शाम तक गंगा नदी में गिनी चुनी राफ्ट ही तैरती दिखाई दीं। इससे राफ्टिंग कारोबारियों में मायूसी छा गई।
वीकेंड पर लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, मुनिकीरेती और तपोवन क्षेत्र में सैकड़ों की तादाद में दूसरे राज्यों के पर्यटकों की आवाजाही होती थी। यहां पहुंचते ही सैलानी रीवर राफ्टिंग का लुत्फ लेते थे, लेकिन इस बार वीकेंड पर सन्नाटा पसरा रहा। शनिवार सुबह से शीतलहर का प्रकोप बना रहा। सुबह 10:30 बजे आसमान में बादलों के बीच हल्की, हल्की धूप निकली। लेकिन इसने भी लोगों को राहत नहीं दी। इससे राफ्टिंग के शौकीनों का रोमांच भी ठंडा पड़ गया। इसके साथ ही हेंवलघाटी, तपोवन, शिवपुरी क्षेत्रों में संचालित कैंपों में भी सन्नाटा पसरा रहा।
राफ्ट संचालक जीतपाल, राजकुमार व अनुभव पयाल ने बताया कि बीते वीकेंड पर उनकी राफ्ट दोपहर तक दो-दो चक्कर मार देती थीं। इस वीकेंड पर ठंड के कारण सब चौपट हो गया। जो गिने चुने पर्यटक राफ्टिंग करने आ भी रहे हैं, वे ब्रह्मपुरी से ही राफ्टिंग कर रहे हैं। बढ़ती ठंड के कारण राफ्टिंग का व्यवसाय फीका पड़ना शुरू हो गया है।
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इंसेट
आवाजाही में लोगों को मिली राहत
ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला मोटर मार्ग पर स्थानीय लोगों को आवाजाही करने में राहत मिली। बढ़ती ठंड के कारण वीकेंड पर तीर्थनगरी में विभिन्न प्रांतों से पर्यटकों की वाहनों की संख्या कम देखने को मिली। नतीजन चंद्रभागा, कैलासगेट, गुरुद्वारा, पीडब्लूडी तिराहा, शिवानंद गेट, तपोवन और खारास्रोत में दिनभर यातायात सुचारु रहा। संवाद
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